फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   World Hindi Day 2022 varanasi Banaras is birthplace of Hindi grammar and word discipline from here kabir munshi premchand bhartendu harishchandra

विश्व हिंदी दिवस: बनारस हिंदी की जन्मस्थली, यहीं से मिला व्याकरण और शब्दों का अनुशासन

Mon, 10 Jan 2022 10:32 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 10 Jan 2022 10:32 AM IST
सार

बनारस को अगर हिंदी की जन्मस्थली कहें तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। भाषा निर्माण से लेकर हिंदी खड़ी बोली के विकास की धारा को बहाने में बनारस का योगदान अतुलनीय है। 

विज्ञापन
World Hindi Day 2022 varanasi Banaras is birthplace of Hindi grammar and word discipline from here kabir munshi premchand bhartendu harishchandra
विश्व हिंदी दिवस 2022 - फोटो : Istock

विस्तार

बनारस ने ही हिंदी को व्याकरण और शब्दों का अनुशासन दिया है। भाषा निर्माण से लेकर हिंदी खड़ी बोली के विकास तक की धारा को बढ़ाने में बनारस का योगदान अतुलनीय है। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर काशी के साहित्यकारों ने बनारस के योगदान को अतुलनीय बताया।

विज्ञापन


साहित्यकार डॉ. काशीनाथ सिंह का कहना है कि आज जो खड़ी बोली बोली जाती है उसके निर्माता भारतेंदु हरिश्चंद्र ही माने जाते हैं। उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने उर्दू के शब्दों का हिंदी में प्रयोग करके हिंदी को हिंदुस्तानी बनाया। यानी आम हिंदुस्तानी का मतलब आम फहम की आम आदमी की जबान।
विज्ञापन


कबीर, तुलसी, भारतेंदु हरिश्चंद्र और प्रेमचंद...सभी बनारस के 
डॉ. सिंह के मुताबिक, बनारस की हिंदी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह अपने शब्दकोष हिंदी से लेती है। बनारस की हिंदी मॉडल भाषा कही जा सकती है। बनारस ने हिंदी को जो दे दिया है वह अब कोई और नहीं दे सकेगा। बनारस हिंदी की जन्मस्थली है। यहीं से हिंदी को व्याकरण भी मिला और शब्दानुशासन भी। कबीर, तुलसी से लेकर जगन्नाथ दास रत्नाकर और भारतेंदु हरिश्चंद्र से प्रेमचंद ने हिंदी को समृद्ध बनाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

महामना के नेतृत्व में सरकारी दफ्तरों में आया हिंदी

साहित्यकार डॉ. जितेंद्रनाथ मिश्र का कहना है कि हिंदी भाषा का पहला व्याकरण नागरी प्रचारिणी सभा से ही निकला था। इसको कामता प्रसाद गुरु ने तैयार किया और उस समय के विद्वानों ने इसको अंतिम स्वरूप दिया।

गीतकार सुरेंद्र वाजपेयी का कहना है कि पहले फारसी में ही सरकारी दफ्तरों में आवेदन स्वीकार किए जाते थे। महामना के नेतृत्व में हिंदी में सरकारी दफ्तरों में आवेदन स्वीकार करने का आंदोलन बनारस से ही शुरू हुआ था। हिंदी का शब्द सागर भी नागरी प्रचारिणी से 12 खंडों में प्रकाशित किया गया था।
पढ़ेंः वाराणसी में बढ़ी पांबदियां: सार्वजनिक स्थलों और गंगा घाटों पर शाम 4 बजे के बाद रोक

विश्व हिंदी दिवस के बारे में

1975 में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए, विश्व हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। पहले विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। 1975 से विभिन्न देशों जैसे मॉरीशस, यूनाइटेड किंगडम, त्रिनिदाद और टोबैगो, संयुक्त राज्य अमेरिका ने विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया है।

10 जनवरी 2006 को पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा विश्व हिंदी दिवस मनाया गया था और जब से इसे वैश्विक भाषा के रूप में प्रचारित करने के लिए 10 जनवरी को विशेष दिवस मनाया जाता है।

काशी में बदहाल है हिंदी का गढ़, लापरवाही ने बिगाड़े हालात

काशी में हिंदी का गढ़  नागरी प्रचारिणी के पास 20 हजार से अधिक पांडुलिपियां और 50 हजार से अधिक पुरानी पत्रिकाएं और 1.25 लाख से अधिक ग्रंथों का भंडार है। साहित्यकार डॉ. गया सिंह ने बताया कि खड़ी बोली हिंदी को आकार देने वाली नागरी प्रचारिणी सभा आज बदहाली के दौर से गुजर रही है।

हिंदी की इस थाती के संरक्षण के लिए संस्था के पास पर्याप्त धन नहीं है। मामूली मानदेय पर तैनात कर्मचारी हिंदी साहित्य की इस अनमोल थाती की रखवाली कर रहे हैं। ने बताया कि नागरी प्रचारिणी सभा अपने हाल पर किसी तरह जिंदा है। इसका स्वतंत्रता आंदोलन में भी बहुत बड़ा योगदान रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed