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विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला आरंभ, पहले दिन जन्मा रावण, अत्याचार से डोली धरती
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 24 Sep 2018 11:59 AM IST
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देवताओं के साथ बैकुंठ पलायन कर गए देवराज इंद्र
- फोटो : अमर उजाला
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रावण के जन्म के साथ विश्व प्रसिद्ध वाराणसी उस पार रामनगर की रामलीला शुरू हो गई। लीला धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और रावण का यज्ञ संपन्न होता है। ब्रह्मा जी ने उसे अमरत्व का वरदान दे देते हैं। अब उसे मनुष्य और वानर के सिवा कोई भी मार नहीं सकता। वरदान पाकर रावण ने देवलोक में खलबली मचाना शुरू कर दिया। कुबेर पर्वत पर चढ़ कर उनका पुष्पक विमान छीन लिया। घबरा कर देवराज इंद्र देवताओं को लेकर बैकुंठ पलायन कर गए और राक्षसों के आतंक से धरती कांप उठी।
काशी राज परिवार के अनंत नारायण सिंह की मौजूदगी में रामबाग के मुख्य द्वार के पास शाम पांच बचे पहले दिन की लीला का मंचन हुआ। शुरुआत रावण्ा जन्म से होता है। जन्म लेने के बाद रावण अपने घर में यज्ञ करता है और प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी उसे इच्छित वर मांगने को कहते हैं।
रावण ने कहा, हे जगदीश! हमें ऐसा वर दे कि मनुष्य और वानर के सिवा कोई भी मुझे मार न सके। ब्रह्मा जी के तथास्तु कहते ही कुंभकर्ण ने भी छह महीना सोने और एक दिन जागने का वर मांगा। ब्रह्मा जी लंकनी से कहते हैं कि राक्षस रावण लंबे समय तक राज करेगा लेकिन एक समय ऐसा भी आयेगा जब एक वानर का तुम निरादर करोगे और तुम्हें वह एक मुक्का मार कर बेहाल कर देगा। तब तुम समझना कि राक्षस राज का अंत नजदीक है।
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उधर, वरदान मिलने के बाद दंभ से चूर रावण ने अत्याचार करना शुरू कर दिया। इंद्र भी घबरा कर देवताओं के साथ बैकुंठ चले जाते हैं। गाय का रूप धारण कर पृथ्वी ब्रह्मा जी के पास जाती है और रावण के अत्याचार की दुहाई देती है।
यहां पर श्रीरामचरित मानस के बालकांड की कुछ चौपाइयों के गायन के बाद लीला को एक घंटे का विराम दे दिया जाता है। इस दौरान लीला प्रेमी रामलीला में मेले का आनंद उठाते हैं। एक घंटे के बाद दूसरे प्रसंग की शुरुआत हुई और क्षीर सागर की भव्य झांकी सजी।
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काशी राज परिवार के अनंत नारायण सिंह की मौजूदगी में रामबाग के मुख्य द्वार के पास शाम पांच बचे पहले दिन की लीला का मंचन हुआ। शुरुआत रावण्ा जन्म से होता है। जन्म लेने के बाद रावण अपने घर में यज्ञ करता है और प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी उसे इच्छित वर मांगने को कहते हैं।
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रावण ने कहा, हे जगदीश! हमें ऐसा वर दे कि मनुष्य और वानर के सिवा कोई भी मुझे मार न सके। ब्रह्मा जी के तथास्तु कहते ही कुंभकर्ण ने भी छह महीना सोने और एक दिन जागने का वर मांगा। ब्रह्मा जी लंकनी से कहते हैं कि राक्षस रावण लंबे समय तक राज करेगा लेकिन एक समय ऐसा भी आयेगा जब एक वानर का तुम निरादर करोगे और तुम्हें वह एक मुक्का मार कर बेहाल कर देगा। तब तुम समझना कि राक्षस राज का अंत नजदीक है।
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उधर, वरदान मिलने के बाद दंभ से चूर रावण ने अत्याचार करना शुरू कर दिया। इंद्र भी घबरा कर देवताओं के साथ बैकुंठ चले जाते हैं। गाय का रूप धारण कर पृथ्वी ब्रह्मा जी के पास जाती है और रावण के अत्याचार की दुहाई देती है।
यहां पर श्रीरामचरित मानस के बालकांड की कुछ चौपाइयों के गायन के बाद लीला को एक घंटे का विराम दे दिया जाता है। इस दौरान लीला प्रेमी रामलीला में मेले का आनंद उठाते हैं। एक घंटे के बाद दूसरे प्रसंग की शुरुआत हुई और क्षीर सागर की भव्य झांकी सजी।
शान से निकली शाही सवारी
शाही सवारी
- फोटो : अमर उजाला
विश्वप्रसिद्ध रामनगर की श्रीराम लीला की शान समझी जाने वाली शाही सवारी रविवार को परंपरागत ढंग से निकली। शाही बग्गी पर अनंत नारायण सिंह सवार थे। शाही सवारी को एक झलक देखने के लिए सड़क के दोनों तरफ हुजूम उमड़ पड़ा। शाही सवारी जिधर से गुजरती लीला प्रेमी हर हर महादेव के जयघोष लगाते।
अनंत नारायण सिंह हाथ उठा कर लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। लीला पर स्थल पहुंचने पर पीएसी जवानों ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद वह हाथी पर बैठकर लीला देखते हैं। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे ।
अनंत नारायण सिंह हाथ उठा कर लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। लीला पर स्थल पहुंचने पर पीएसी जवानों ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद वह हाथी पर बैठकर लीला देखते हैं। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे ।
पीएसी जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला शुरू
- फोटो : अमर उजाला
काशी राज परिवार के अनंत नारायण सिंह बग्गी से रामबाग लीला स्थल पर पहुंचते हैं। 36 वीं वाहिनी पीएसी रामनगर के सी दल के जवानों ने प्लाटून कमांडर कैलाश नाथ यादव के नेतृत्व में अनंत नारायण सिंह के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया ।
राज कुमारियों ने कार में बैठकर देखा लीला
रामनगर की राम लीला में पहले दिन रामबाग के मुख्य द्वार के पास अनंत नारायण सिंह हाथी पर बैठ कर लीला देख रहे थे। वहीं उनके हाथी के पीछे कुछ दूरी पर अपनी कार में बैठ कर राजपरिवार से जुड़ी महिलाएं अपने नाती-पोतों के साथ रामलीला देख रही थीं।
राज कुमारियों ने कार में बैठकर देखा लीला
रामनगर की राम लीला में पहले दिन रामबाग के मुख्य द्वार के पास अनंत नारायण सिंह हाथी पर बैठ कर लीला देख रहे थे। वहीं उनके हाथी के पीछे कुछ दूरी पर अपनी कार में बैठ कर राजपरिवार से जुड़ी महिलाएं अपने नाती-पोतों के साथ रामलीला देख रही थीं।