परिवार का पेट पालने को फिर से पूर्वांचल से पलायन करने लगे श्रमिक, कंपनियां भेज रही प्लेन टिकट
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कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों व कामगारों को रोजगार के अभाव में फिर से जन्मभूमि को छोड़ कर्मभूमि की ओर बढ़ना पड़ रहा है। लॉकडाउन से ही घर बैठे प्रवासी मजदूर अब परिवार का पेट पालने के लिए पूर्वांचल से पलायन कर रहे हैं। शनिवार को पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों के कामगार वाराणसी के लालबहादुर शास्त्री एयरपोर्ट से हैदराबाद के लिए रवाना हुए।
कामगारों के अनुसार यहां रोजगार नहीं मिलने के चलते परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। सरकारी सहायता भी अब बंद हो गई है। हैदराबाद स्थित कपड़े की एक कंपनी में रोजगार मिला और विमान का टिकट, भोजन आदि खर्च वहन किया। इंडिगो के विमान 6ई 6913 से हैदराबाद को काफी संख्या में मजदूरों व कामगारों ने रवाना हुए। ऐसा पिछले कई दिनों से देखने को मिल रहा है कि मजदूर पलायन कर रहे हैं।
कोरोना के कारण लॉकडाउन में वापस घर आना पड़ा था लेकिन परिवार की जिम्मेदारी और जीवकोपार्जन के लिए हैदराबाद कंपनी में काम करने जाना पड़ रहा है। यहां रोजगार नहीं मिला।
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अशोक यादव, शाहगंज जौनपुर
हैदराबाद स्थित कपड़े की कंपनी में काम मिल गया है। परिवार में माता पिता व छोटा भाई, पत्नी व दो बच्चे है। घर पर कोई कमाने वाला नहीं है। आर्थिक तंगी के कारण जाना पड़ रहा है।
वीरेन्द्र, आजमगढ़
हैदराबाद स्थित एक प्राइवेट कंपनी में कांट्रेक्ट पर काम मिला है। यहां काफी प्रयास किया, लेकिन नौकरी नहीं मिली। पारिवारिक स्थिति को देखते हुए कोरोना संक्रमण के बावजूद परिवार से दूर जाना पड़ रहा है।
मनोज कुमार, जौनपुर
यहां कोई रोजगार देने के लिए तैयार नहीं है। बहुत प्रयास किया कि यहीं कुछ मिल जाए, जिससे घर रहते हुए कुछ किया जा सके। लेकिन नहीं मिला। अब फिर से हैदराबाद जा रहे हैं।
शिवकुमार, शाहगंज