{"_id":"638ced7e8ab2c91e4e43b8c4","slug":"women-s-thirubhuvanam-and-arani-silk-sarees-varanasi-news-vns686953366","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: महिलाओं की भा रहीं थिरुभुवनम और अरनी सिल्क की साड़ियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: महिलाओं की भा रहीं थिरुभुवनम और अरनी सिल्क की साड़ियां
विज्ञापन
कांजीवरम साड़ी के साथ ही काशी की महिलाओं को तमिलनाडु की थिरुभुवनम और अरनी सिल्क साड़ियां भी खूब भा रही हैं। काशी तमिल संगमम के तहत एंफीथियेटर मैदान में लगी प्रदर्शनी में साड़ियों के स्टॉल पर खूब खरीदारी हो रही है।
वैसे तो लोग कांजीवरम साड़ी को ही तमिलनाडु की साड़ी के नाम से जानते हैं, लेकिन यहां पर अन्य साड़ियां भी हैं जिसे महिलाएं खरीद रही हैं। थिरुभुवनम सिल्क साड़ी पल्लू पर बने खास डिजाइन के लिए जानी जाती है। स्टॉल संचालक गोविंद स्वामी ने बताया कि यह एक ही ताने में बुने मध्यम वजन की पारंपरिक साड़ी है। तमिलनाडु की महिलाएं इसे शादियों में पहनती है। बुनाई तकनीक को पोरई इलुप कहा जाता है। जो इसे कांजीवरम सिल्क साड़ी के पिटनी वर्क से अलग करती है।
इसी तरह अरनी सिल्क साड़ी जिसे पिट लूम और फ्रेम लूम के जकार्ड पर बनाया जाता है। अरनी सिल्क साड़ी एक साइड या दोनों साइड बॉर्डर के साथ बुनी जाती है। जो देखने में काफी खूबसूरत है। इसका वजन काफी हल्का होता है। इसके बॉर्डर पर पारंपरिक या समकालीन डिजाइन बनाई जाती है। कोवई सिल्क साड़ी, कोरा कॉटन, कंदागी साड़ी भी महिलाओं को खूब पसंद आ रही है।
विज्ञापन
कांचीपुरम वेडिंग सिल्क साड़ी भी बन रही पसंद
एंफीथियेटर मैदान में लगी प्रदर्शनी में कांचीपुरम रेशम की साड़ी कांचीपुरम के मंदिरों के शहर में बुनी जाती है। कांचीपुरम सिल्क साड़ी को तमिलनाडु में जीआई टैग भी मिला है। वेडिंग सिल्क स्पेशल साड़ी खूबसूरत पारंपरिक पैटर्न और रंगों के साथ शुद्ध सोने की जरी के साथ बुनी जाती है।
विज्ञापन
वैसे तो लोग कांजीवरम साड़ी को ही तमिलनाडु की साड़ी के नाम से जानते हैं, लेकिन यहां पर अन्य साड़ियां भी हैं जिसे महिलाएं खरीद रही हैं। थिरुभुवनम सिल्क साड़ी पल्लू पर बने खास डिजाइन के लिए जानी जाती है। स्टॉल संचालक गोविंद स्वामी ने बताया कि यह एक ही ताने में बुने मध्यम वजन की पारंपरिक साड़ी है। तमिलनाडु की महिलाएं इसे शादियों में पहनती है। बुनाई तकनीक को पोरई इलुप कहा जाता है। जो इसे कांजीवरम सिल्क साड़ी के पिटनी वर्क से अलग करती है।
विज्ञापन
इसी तरह अरनी सिल्क साड़ी जिसे पिट लूम और फ्रेम लूम के जकार्ड पर बनाया जाता है। अरनी सिल्क साड़ी एक साइड या दोनों साइड बॉर्डर के साथ बुनी जाती है। जो देखने में काफी खूबसूरत है। इसका वजन काफी हल्का होता है। इसके बॉर्डर पर पारंपरिक या समकालीन डिजाइन बनाई जाती है। कोवई सिल्क साड़ी, कोरा कॉटन, कंदागी साड़ी भी महिलाओं को खूब पसंद आ रही है।
विज्ञापन
कांचीपुरम वेडिंग सिल्क साड़ी भी बन रही पसंद
एंफीथियेटर मैदान में लगी प्रदर्शनी में कांचीपुरम रेशम की साड़ी कांचीपुरम के मंदिरों के शहर में बुनी जाती है। कांचीपुरम सिल्क साड़ी को तमिलनाडु में जीआई टैग भी मिला है। वेडिंग सिल्क स्पेशल साड़ी खूबसूरत पारंपरिक पैटर्न और रंगों के साथ शुद्ध सोने की जरी के साथ बुनी जाती है।