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Varanasi News: देश की तस्वीर संवारने के लिए नारी शक्ति ने किया बिल का वंदन
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महिला आरक्षण
देश की आधी आबादी के लिए संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण बिल पास होने का सियासत से जुड़ी महिलाओं ने एक स्वर से इसका स्वागत किया है। उनका कहना है कि ये विधेयक आधी आबादी के लिए शुभ संकेत है। इससे देश की महिलाओं का न केवल सशक्तिकरण होगा बल्कि वह देश की तकदीर और तस्वीर संवारने में सफल होंगी। विधेयक का नाम नारी शक्ति वंदन रखकर नारी इतिहास को जीवंत और मजबूत बनाने का काम किया गया है। महिलाओं ने इसे बिना शर्त लागू किए जाने की वकालत की है।
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर/औड़िहार। नारी शक्ति वंदन बिल पास हाेने का हर ओर महिलाओं द्वारा दिल खोलकर स्वागत हो रहा है। एक ओर इससे न सिर्फ महिलाओं को संसद में उचित स्थान मिलेगा बल्कि हर वर्ग की समस्याएं अब संसद में उठ सकेगी।
महिलाओं का मानना है कि इस ऐतहासिक फैसले से न सिर्फ महिलाएं मजबूत हाेंगी बल्कि देश भी मजबूत होगा । वहीं पक्ष और विपक्ष द्वारा इस बिल पर श्रेय लेने को अनुचित बताते हुए महिलाओं ने कहा कि यह आरक्षण बिल 15 वर्षों के बजाए स्थायी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
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आरक्षण का लाभ सभी वर्गों को समान रूप से मिले इसके लिए भी सही तरीके से प्रक्रिया को अमल में लाना बेहद जरूरी होगा। महिला आरक्षण बिल सशर्त प्रस्ताव के चलते वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इसका समुचित लाभ महिलाओं को नहीं मिल सकेगा। इससे महिलाओं का उत्साह थोड़ा ठंडा दिखा।
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नारी शक्ति वंदन बिल का प्रस्ताव आधी आबादी की उन्नति का शुभ संकेत है। इस बिल का लंबे समय से महिलाओं को इंतजार रहा है। अब यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसे लागू किए जाने की शर्तों को शीघ्र अमल में लाया जाना चाहिए ताकि राजनीति में आने वाली महिलाओं का सपना साकार हो सके। - सपना सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष गाजीपुर
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महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण बिल का पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसद में जिस तरह स्वागत किया है वह देश की संसद के लिए गरिमा का उदाहरण है। सही तरीके से प्रक्रिया को अमल में लाना होगा।- सुशीला सोनकर, नगर पंचायत अध्यक्ष सैदपुर
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इससे हर जगह महिलाओं की बराबर की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि महिलाएं लोगों के बीच से निर्वाचित होकर जब सांसद और विधायक बनेंगी तो वह महिलाओं की आवाज को खुद बुलंद कर सकेंगी। अभी तक संसद और विधानसभा में महिलाओं की संख्या कम होने के कारण उनकी समस्याओं को कोई उठा नहीं पाता था। अब उसका समाधान महिलाओं की संख्या बढ़ने से अवश्य होगा।- सुमन यादव, अध्यक्ष नगर पंचायत सादात
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आरक्षण से महिलाओं का मनोबल बढ़ा है। महिलाओं की हर जगह बराबर की भागीदारी सुनिश्चित होगी। यह एक अच्छा कदम है इससे देश की महिलाओं का सशक्तिकरण होगा।- मनीषा कुशवाहा, ब्लॉक प्रमुख जमानिया
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देश की आधी आबादी के लिए संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण बिल पास होने का सियासत से जुड़ी महिलाओं ने एक स्वर से इसका स्वागत किया है। उनका कहना है कि ये विधेयक आधी आबादी के लिए शुभ संकेत है। इससे देश की महिलाओं का न केवल सशक्तिकरण होगा बल्कि वह देश की तकदीर और तस्वीर संवारने में सफल होंगी। विधेयक का नाम नारी शक्ति वंदन रखकर नारी इतिहास को जीवंत और मजबूत बनाने का काम किया गया है। महिलाओं ने इसे बिना शर्त लागू किए जाने की वकालत की है।
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर/औड़िहार। नारी शक्ति वंदन बिल पास हाेने का हर ओर महिलाओं द्वारा दिल खोलकर स्वागत हो रहा है। एक ओर इससे न सिर्फ महिलाओं को संसद में उचित स्थान मिलेगा बल्कि हर वर्ग की समस्याएं अब संसद में उठ सकेगी।
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महिलाओं का मानना है कि इस ऐतहासिक फैसले से न सिर्फ महिलाएं मजबूत हाेंगी बल्कि देश भी मजबूत होगा । वहीं पक्ष और विपक्ष द्वारा इस बिल पर श्रेय लेने को अनुचित बताते हुए महिलाओं ने कहा कि यह आरक्षण बिल 15 वर्षों के बजाए स्थायी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
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आरक्षण का लाभ सभी वर्गों को समान रूप से मिले इसके लिए भी सही तरीके से प्रक्रिया को अमल में लाना बेहद जरूरी होगा। महिला आरक्षण बिल सशर्त प्रस्ताव के चलते वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इसका समुचित लाभ महिलाओं को नहीं मिल सकेगा। इससे महिलाओं का उत्साह थोड़ा ठंडा दिखा।
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नारी शक्ति वंदन बिल का प्रस्ताव आधी आबादी की उन्नति का शुभ संकेत है। इस बिल का लंबे समय से महिलाओं को इंतजार रहा है। अब यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसे लागू किए जाने की शर्तों को शीघ्र अमल में लाया जाना चाहिए ताकि राजनीति में आने वाली महिलाओं का सपना साकार हो सके। - सपना सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष गाजीपुर
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महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण बिल का पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसद में जिस तरह स्वागत किया है वह देश की संसद के लिए गरिमा का उदाहरण है। सही तरीके से प्रक्रिया को अमल में लाना होगा।- सुशीला सोनकर, नगर पंचायत अध्यक्ष सैदपुर
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इससे हर जगह महिलाओं की बराबर की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि महिलाएं लोगों के बीच से निर्वाचित होकर जब सांसद और विधायक बनेंगी तो वह महिलाओं की आवाज को खुद बुलंद कर सकेंगी। अभी तक संसद और विधानसभा में महिलाओं की संख्या कम होने के कारण उनकी समस्याओं को कोई उठा नहीं पाता था। अब उसका समाधान महिलाओं की संख्या बढ़ने से अवश्य होगा।- सुमन यादव, अध्यक्ष नगर पंचायत सादात
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आरक्षण से महिलाओं का मनोबल बढ़ा है। महिलाओं की हर जगह बराबर की भागीदारी सुनिश्चित होगी। यह एक अच्छा कदम है इससे देश की महिलाओं का सशक्तिकरण होगा।- मनीषा कुशवाहा, ब्लॉक प्रमुख जमानिया