{"_id":"69186f6d85b793f19404c658","slug":"women-polytechnic-curriculum-changes-now-industrial-training-will-be-provided-with-general-classes-in-varanasi-2025-11-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"NEP: महिला पॉलिटेक्निक के पाठ्यक्रम में बदलाव, अब सामान्य कक्षाओं के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण भी मिलेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
NEP: महिला पॉलिटेक्निक के पाठ्यक्रम में बदलाव, अब सामान्य कक्षाओं के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण भी मिलेगा
Sat, 15 Nov 2025 05:47 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 15 Nov 2025 05:47 PM IST
सार
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत महिला पॉलिटेक्निक के पाठ्यक्रम में बदलाव किए गए हैं। ऐसे में इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश के बाद समस्या नहीं होगी।
विज्ञापन
नई शिक्षा नीति।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ाए जा रहे इंजीनियरिंग डिप्लोमा के पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है। इंजीनियरिंग डिप्लोमा के कई ट्रेडों के दूसरे साल के छात्रों को नए सत्र से थ्योरी कम पढ़नी पड़ेगी। उन्हें प्रैक्टिकल के ज्यादा मौके दिए जाएंगे। इसके अलावा उन्हें सामान्य कक्षाओं के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
राजकीय महिला पॉलिटेक्निक के शिक्षक उमेश सोनकर ने बताया कि बदलाव के बाद पाठ्यक्रम में प्रैक्टिकल की हिस्सेदारी 30 की जगह 70 फीसदी की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को ज्यादा सीखने को मिलेगा। प्राविधिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ इसे ज्यादा रोजगारपरक बनाने की मांग काफी समय से उठ रही थी।
विज्ञापन
व्यावहारिक ज्ञान की कमी के चलते विद्यार्थियों को कंपनियों में काम करते समय परेशानी होती थी। समस्या दूर करने के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग ने यह बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे 42 पाठ्यक्रमों में बदलाव किए गए हैं।
विज्ञापन
इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के अनुसार अपग्रेड हुआ सिलेबस
शिक्षक उमेश सोनकर ने बताया कि इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के अनुसार सिलेबस को अपग्रेड किया गया है। उन्होंने बताया कि उसका सबसे बड़ा फायदा या होगा कि छात्र पॉलिटेक्निक कोर्स पूरा करने के बाद अगर बीटेक करना चाहता है, तो वह लैटरल एंट्री के माध्यम से बीटेक कोर्स में प्रवेश मिलेगा। तब उसे सिलेबस व पढ़ाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी। अभी तक बीटेक के सेकंड ईयर में लैटरल एंट्री के माध्यम से पॉलिटेक्निक के छात्रों को प्रवेश दिया जाता था। सिलेबस में काफी भिन्नता होने के कारण कई बार छात्रों को बीटेक में प्रवेश लेने के बाद समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राविधिक शिक्षा परिषद ने अपने सिलेबस को एनईपी के तहत अपग्रेड किया है।