वाराणसी: सुहाग की रक्षा के लिए अध्यापिका ने दे दी अपनी जान, रास्ते के विवाद में पट्टीदारों ने लाठी और ईंट से वार कर की हत्या
मृतका का पति दिनेश कुमार बीएचयू स्थित अस्पताल में लैब टेक्नीशियन हैं। दिनेश का पड़ोसी से रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। पिछले कुछ दिनों से यह विवाद ज्यादा बढ़ गया था, जिस कारण ये घटना घटी।
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वाराणसी के कंदवा गांव में रास्ते के विवाद को लेकर पट्टीदारों ने मंगलवार सुबह अध्यापिका प्रियंका वर्मा (38) की लाठी-डंडे और ईंट से वार कर हत्या कर दी। जबकि अध्यापिका के पति दिनेश प्रजापति सहित परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। घायल दिनेश के चचेरे भाई विजय की तहरीर पर मंडुवाडीह पुलिस ने सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। दो आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटनास्थल पर पहुंचे डीसीपी काशी जोन और एसीपी ने जांच की।
मंडुवाडीह थाना अंतर्गत कंदवा के प्रजापति बस्ती में बीएचयू से सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्लू राम प्रजापति का पुस्तैनी मकान है। बीएचयू में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत पुत्र दिनेश प्रजापति, जौनपुर जिले के गौरा बादशाहपुर में प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका बहू प्रियंका वर्मा, पुत्री माया और परिवार के मनोज व चिंटू के साथ रहते हैं।
कल्लू के भाई स्व. लालजी के पुत्र दीपक, पुनवासी के पुत्र राजेन्द्र, रामचरण के दो पुत्र श्रीराम व रवि थोड़ी दूर पर मकान बनवाकर रहते हैं। प्रजापति बस्ती में ही दोनों परिवारों की जमीन है। उसी के पास एक छोटा सा मंदिर भी है। मंदिर से सटे जमीन की बाउंड्री करने को लेकर पिछले दस दिनों से कल्लू और दीपक में विवाद चल रहा था।
सोमवार को भी दोनों परिवारों में विवाद हुआ था तो उस समय पुलिस पहुंची तो मामला शांत हो गया था। इसके बाद सुबह साढ़े सात बजे दीपक दोबारा पहुंचा और कल्लू के परिवार से विवाद करने लगा। यही नहीं, दीपक ने फोन कर अपने परिजनों को बुला लिया। सभी लाठी, डंडे, लोहे के रॉड से लैस होकर पहुंचे और मारपीट करने लगे।
परिजनों की पिटाई देख बहू प्रियंका बचाव के लिए सामने आ गई तो हमलावरों ने पहले ईंट से प्रियंका पर वार किया। ईंट लगते ही प्रियंका लहूलुहान होकर गिर गई तो आरोप है कि दीपक और राजेन्द्र ने लाठी व डंडे से प्रियंका के सिर पर कई वार किया।
इस दौरान हमलावरों ने दिनेश, माया, मनोज और चिंटू को भी लाठी व डंडे से पीटा। घटनास्थल पर ही लहूलुहान अचेतावस्था में प्रियंका को लेकर परिजन पुलिस को सूचित करते हुए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो चिकित्सकों ने प्रियंका को मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही पूरे परिवार ने कोहराम मच गया। मृतका प्रियंका की एक पुत्री खुशी (14) व पुत्र हिमांशु (11) है।
घटनास्थल से मंडुवाडीह पुलिस ने दो लाठी, एक लोहे की पाइप, ईंट व खून से सना गमछा बरामद किया। मृतका के पति दिनेश प्रजापति के चचेरे भाई विनोद कुमार प्रजापति की तहरीर पर मंडुवाडीह थाने की पुलिस ने दीपक प्रजापति, रवि प्रजापति, राजेंद्र प्रजापति, प्रकाश प्रजापति, श्रीराम प्रजापति, शुभम प्रजापति व कन्नू यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। इस संबंध में काशी जोन के डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी दीपक व कन्नू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
सुहाग की रक्षा के लिए प्रियंका ने दे दी अपनी जान
प्रजापति बस्ती में हमलावर जब दिनेश की बेरहमी से पिटाई कर रहे थे तो पत्नी को घर के अंदर रहा नहीं गया। सुहाग की रक्षा के लिए पत्नी प्रियंका घर की चौखट को लांघकर बाहर निकली और पति के ऊपर पड़ रही लाठियों को अपने ऊपर ले लिया। हमलावरों के सिर पर खून सवार था तो उन्हें कुछ नहीं सूझा और पत्नी प्रियंका के ऊपर लाठियों की बरसात कर दी।
इस दौरान हमलावरों ने पहले प्रियंका के सिर पर ईंट से वार किया था। मां और बाप को लहूलुहान हाल में देख मासूम बेटा हिमांशु और बेटी खुशी चीखने चिल्लाने लगे। मौके पर ही प्रियंका ने दम तोड़ दिया था। बस्ती में इस बात की चर्चा जोरों पर रही कि सुहाग की रक्षा को पत्नी ने अपने प्राणों की आहुति दे दी।
मंडुवाडीह पुलिस बनी रही लापरवाह
कल्लू के परिजनों ने थाने में पत्र देकर यह गुहार लगाई थी कि किसी भी समय दीपक के परिवार वाले हमला कर सकते हैं। जमीन को लेकर जबरदस्ती कर रहे हैं। घटना के समय भी पुलिस यदि जल्दी पहुंची होती तो शायद प्रियंका की जान बच जाती।
मारपीट खत्म होने के बाद आरोपी दीपक तहरीर लेकर मंडुवाडीह थाने पहुंचा तब पुलिस को जानकारी हुई। बस्ती के लोगों ने बताया कि थाने पर कई बार सूचना देने के बाद भी पुलिस समय से नहीं पहुंची। यदि पुलिस जल्दी आ गई होती तो दिनेश का हंसता खेलता परिवार नहीं उजड़ता।