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Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे होगा या नहीं? इलाहाबाद हाईकोर्ट में अब फैसला कल

Wed, 26 Jul 2023 05:45 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 26 Jul 2023 05:45 PM IST
सार

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ज्ञानवापी परिसर में एएसआई के सर्वे के आदेश पर कल तक रोक लगा दी है। अब इस मामले की सुनवाई गुरुवार दोपहर 3:30 बजे होगी। 

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Whether there will be ASI survey in Gyanvapi campus or not decision in Allahabad High Court tomorrow
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे पर रोक बढ़ा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार शाम पांच बजे तक सर्वे पर रोक लगाई थी। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक बरकरार रखते हुए गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे फिर सुनवाई के लिए दोनों पक्षों को बुलाया है। चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुबह से दोपहर एक बजे और फिर साढ़े चार बजे दोबारा सुनवाई की। चीफ जस्टिस ने दोनों पक्ष की दलीलों सुनीं। एएसआई  से पूछा कि क्या 31 अगस्त तक सर्वे का काम पूरा हो जाएगा?

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एएसआई के वैज्ञानिक आलोक त्रिपाठी ने कोर्ट में हलफनामा दिया है कि जो भी काम करेंगे उससे कोई नुकसान नहीं होगा। हलफनामे पर प्रतिक्रिया देने के लिए मुस्लिम पक्ष ने समय मांगा तो हाईकोर्ट ने गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे तक सुनवाई टाल दी। ज्ञानवापी में सर्वे पर रोक लगाने की मांग करते हुए मुस्लिम पक्ष ने कहा था कि उसे डर है कि ऐतिहासिक संरचना गिर सकती है। यह भी कहा कि एएसआई के आश्वासन पर उसे भरोसा नहीं है।

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सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी सर्वे पर रोक

वाराणसी की जिला अदालत ने ही ज्ञानवापी का सर्वे करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ सोमवार को मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। देश की शीर्ष अदालत ने सर्वे पर 26 जुलाई शाम पंच बजे तक रोक लगाई और मसाजिद कमेटी से कहा कि वह वाराणसी जिला अदालत के फैसले पर रोक के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील करें। मंगलवार को मसाजिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। 

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एक नजर में ज्ञानवापी के सर्वे का पूरा मामला

गौरतलब है कि अगस्त 2021 में पांच महिला पक्षकारों ने वाराणसी के सिविल जज की अदालत में ज्ञानवापी मस्जिद के बगल में बने शृंगार गौरी मंदिर में पूजा और दर्शन करने की अनुमति मांगते हुए वाद दाखिल किया था। सिविल कोर्ट ने मस्जिद परिसर का सर्वे करने का आदेश दिया था। सर्वे के बाद महिला पक्षकारों ने दावा किया था कि मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग है। जबकि, अंजुमन इंतेजामियां मसाजिद कमेटी का कहना था कि वह शिवलिंग नहीं, बल्कि फव्वारा है। इसी विवाद को सुलझाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को अदालत ने वैज्ञानिक सर्वे करने का आदेश दे दिया।

जिला जज वाराणसी अजय कृष्ण की ओर से 21 जुलाई को दिए आदेश के अनुपालन में सोमवार की सुबह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के वैज्ञानिकोंं की टीम सील वजूखाने को छोड़कर ज्ञानवापी के शेष परिसर के सर्वे के लिए पहुंच गई थी। भारतीय पुरातत्व विभाग के वैज्ञानिक सर्वे के खिलाफ मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने मसाजिद कमेटी को फौरी राहत देते हुए सर्वे पर 26 जुलाई की शाम पांच बजे तक रोक लगा दी और कमेटी को हाईकोर्ट जाने को निर्देशित कर दिया।

इसके बाद मसाजिद कमेटी ने वैज्ञानिक सर्वे को रोकने के लिए हाईकोर्ट की तरफ रुख किया। बुधवार को हाईकोर्ट ने दोनों पक्ष की दलीलें सनी। एएसआई के वैज्ञानिक को भी तलब किया। फिर सर्वे पर लगी रोक को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मामले की सुनवाई गुरुवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे होगी। 

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