फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   When the hands of the Water-bearer of the Haram were severed...

Varanasi News: जब हाथ कलम हो गए सक्का-ए-हरम के...

Thu, 25 Jun 2026 01:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
When the hands of the Water-bearer of the Haram were severed...
मोहर्रम पर  दालमंडी के मुसाफिर खाने के पास से  निकाले गए जुलूस में इमाम हुसैन की शहादत  की याद 
आठवीं मुहर्रम पर दालमंडी स्थित अजाखाना हकीम मोहम्मद काजिम में मजलिसे-अजा हुई। इसे मौलाना वसी असगर पाशा ने खिताब किया। वहीं, चाहमामा स्थित ख्वाजा नब्बू के इमामबाड़े से तुर्बत व अलम का जुलूस निकला। कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाजिर हुसैन मंजू के नेतृत्व में यह जुलूस रात 8:30 बजे बरामद हुआ। जुलूस से पहले अब्बास मुर्तजा शम्सी ने मौला अब्बास की शहादत का मंजर बयान किया। जुलूस उठने पर लियाकत अली खां व उनके साथियों ने पारंपरिक सवारी पढ़ी, जब हाथ कलम हो गए सक्का-ए-हरम के, और अर्शे बरी हिल गया गिरने से अलम के...। यह जुलूस चाहमामा से दालमंडी स्थित हकीम के अजाखाने पर पहुंचा। वहां अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहाख्वानी शुरू की, अब्बास क्या तराई में सोते हो चैन से...। इस दौरान शराफत हुसैन, लियाकत अली खां, साहब जैदी, शफाअत हुसैन शोफी, मजाहिर हुसैन, राजा व शानू ने नौहाख्वानी व मातम किया। इस दौरान उस्ताद फतेह अली खां व उनके साथियों ने शहनाई बजाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed