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विदेश नीति राजनीति से प्रेरित न हो : एम जे अकबर
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राज्यसभा सांसद एमजे अकबर ने कहा कि विदेश नीति विदेश राजनीति नहीं है, अपितु यह एक नीति है, जिससे हम अपने पड़ोसियों एवं दूसरे राष्ट्र के साथ व्यवहार और संबंध बनाते हैं। पड़ोसी वह नहीं है, जिससे हमारी सीमाएं लगती हों, आज के समय में पड़ोसी वह है, जिस तक हमारी सीधी पहुंच है।
वह बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। वर्तमान परिदृश्य में भारत की विदेश नीति विषयक वेबिनार को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि भारत की विदेश नीति एक नए दौर में पहुंच चुकी है। अब वह एकपक्षीय नहीं, बहुपक्षीय हो गई है।
संभावनाओं के नए दौर खुले हैं। बढ़ते आवागमन के दौर में सुदूर के देश भी सुस्पष्ट विदेश नीति के कारण निकटस्थ पड़ोसी बन गए हैं। प्रधानमंत्री की स्पष्ट विदेश नीति से भारतीय लोकतंत्र का सुदृढ़ विकास हो रहा है। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ अर्थात पूरा विश्व ही हमारा अपना है।
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विदेश नीति विशेषज्ञ डॉ. कुं पुष्पेंद्र पी सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. पारिजात सौरभ एवं संयोजक डॉ. केके सिंह रहे। स्वागत प्रो. निरंजन सहाय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ऊर्जस्विता सिंह ने किया।
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वह बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। वर्तमान परिदृश्य में भारत की विदेश नीति विषयक वेबिनार को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि भारत की विदेश नीति एक नए दौर में पहुंच चुकी है। अब वह एकपक्षीय नहीं, बहुपक्षीय हो गई है।
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संभावनाओं के नए दौर खुले हैं। बढ़ते आवागमन के दौर में सुदूर के देश भी सुस्पष्ट विदेश नीति के कारण निकटस्थ पड़ोसी बन गए हैं। प्रधानमंत्री की स्पष्ट विदेश नीति से भारतीय लोकतंत्र का सुदृढ़ विकास हो रहा है। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ अर्थात पूरा विश्व ही हमारा अपना है।
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विदेश नीति विशेषज्ञ डॉ. कुं पुष्पेंद्र पी सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. पारिजात सौरभ एवं संयोजक डॉ. केके सिंह रहे। स्वागत प्रो. निरंजन सहाय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ऊर्जस्विता सिंह ने किया।