Weather Update: वाराणसी में सावन जैसा सुहाना मौसम, कहीं बारिश तो कहीं छाए घने बादल, रात में तनी सर्दी की चादर
वाराणसी में रविवार रात तेज आंधी और गरज-चमक के साथ हुई मूसलाधार बारिश के बाद से वाराणसी में मौसम सुहाना हो गया है। सोमवार सुबह से ही घने बादल छाए हैं। सावन के सुहाने मौसम जैसा अहसास है।
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पूर्वांचल के जिलों के साथ ही वाराणसी में रविवार रात तेज आंधी और गरज-चमक के साथ हुई मूसलाधार बारिश के बाद से वाराणसी में मौसम सुहाना हो गया है। सोमवार सुबह से ही घने बादल छाए हैं। कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हुई। सावन के सुहाने मौसम जैसा अहसास है। बीती रात बारिश के साथ ही ओले भी गिरे थे। इससे पारा धड़ाम हो गया। पंखा आदि चला कर सोने वालों लोगों को सर्दी लगी। अगले तीन दिन तक मौसम ऐसे ही रहने की संभावना है।
सोमवार सुबह से सिहरन महसूस की जा रही है। सुबह 8 बजे तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। इससे पहले रविवार को अधिकतम तापमान 30.8 तो न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार इस तरह का मौसम अगले तीन दिनों तक बने रहने के आसार हैं। पूर्वांचल के आसपास बादलों की सक्रियता का रुख बना हुआ है।
शुक्रवार को बूंदाबांदी व शनिवार को हल्की बारिश के बाद मौसम का मिजाज खुशनुमा बना रहा। रविवार को भी सुबह से ही बादलों की आवाजाही जारी रही। हवा की रफ्तार दिन में थमी रही, लेकिन रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक तेज आंधी चली। आसमान में बिजली की गड़गड़ाहट शुरू हुई। तेज हवाओं से कई जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं तो छतों पर रखे टीनशेड भी उड़ गए।
बीती रात बारिश से कई जगह जलभराव
देखते ही देखते मूसलाधार बारिश होने लगी। अंधरापुल, लहुराबीर, रेलवे कॉलोनी, सिगरा, महमूरगंज, लहरतारा में कई जगहों पर सड़क पर पानी भर गया। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। ओलावृष्टि से बरेका, लहुराबीर, बीएचयू परिसर में सड़क सफेद नजर आने लगी। उधर, अचानक आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश की वजह से गंगा पार टेंट सिटी की बत्ती गुल हो गई।
इस वजह से अंधेरा छा गया। शहर के कई इलाकों में भी बिजली कटौती हुई है। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाओं के आने के साथ ही राजस्थान के पूर्वी भाग में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इससे मौसम बदला और तेज बारिश हुई। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी हुई है।
गेहूं व दलहनी फसलों को नुकसान
बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से गेहूं समेत दलहन की फसलों को नुकसान हुआ। कई बीघे गेहूं की फसल खेत में बीछ गई। इससे किसान चिंतित हैं। फूलपुर के किसान रमेश और कलावती मौर्या ने बताया कि क्षेत्र में 150 किसानों की गेहूं फसल गिर गई है। इससे दाने पतले, काले व धब्बेदार हो जाएंगे। इससे उत्पादन कम होगा। मंडी में बेचने में परेशानी होगी। कटाई और मड़ाई भी दिक्कत आएगी।