उफ्फ ये गर्मी: वाराणसी में 44 के करीब पहुंचा पारा, अभी कुछ दिन और रहेगा हीट वेव का असर, दिन में राह चलना मुश्किल
वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में गर्मी इस कदर भयंकर पड़ रही है कि इस बार कई रिकॉर्ड टूट सकते हैं। शनिवार के बाद रविवार को भी सूरज की तपिश के बीच पारा 43 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा है।
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वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में पिछले चार-पांच दिन से हीट वेव का असर बढ़ता जा रहा है। शनिवार को दिन में पारा 43.5 डिग्री सेल्सियस सीजन में सर्वाधिक दर्ज किया गया। रविवार को मौसम उसी तरह का है। सूरज की तपिश के बीच 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म पछुआ हवा चलने से ही गर्मी भी अधिक लग रही है।
दिन में लोगों का राह चलना मुश्किल हो गया है, शाम को भी बहुत राहत नहीं है। राजस्थान, हरियाणा से आ रही पछुआ हवाओं की वजह से मौसम और गर्म हो गया है। चार पांच दिन से हीट वेव भी चल रही है। सुबह 9 बजे के बाद से ही धूप इतनी तेज हो रही है कि लोग मुंह ढककर या छाता लेकर निकल रहे हैं। गर्म हवाओं की वजह से दोपहिया चलाने में भी परेशानी हो रही है।
दिन में चौकाघाट फ्लाईओवर, वरुणापुल के साथ ही मलदहिया से लहुराबीर, वाराणसी सिटी जाने वाली सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही कम दिख रही है। घाटों पर सन्नाटा पसरा है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तीन-चार दिन हीटवेव का असर दिखेगा। तापमान में भी बढ़ोतरी के आसार हैं। अगले सप्ताह से देश में कुछ जगहों पर मौसम में बदलाव की संभावना जरूर है, लेकिन उसका असर यहां देखने को नहीं मिलेगा।
पांच दिन का तापमान
अप्रैल अधिकतम न्यूनतम
09 43.5 20.9
08 43.0 20.0
07 42.2 20.1
06 42.1 21.5
05 42.1 21.0
(तापमान डिग्री सेल्सियस में )
शरीर में पानी की मात्रा कम न हो
तेज धूप और गर्मी बढ़ने की वजह से आम जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि इस मौसम में डिहाइड्रेशन होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में शरीर में पानी की मात्रा कम न होनी चाहिए। दीनदयाल और मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में ओपीडी में पेट संबंधी बीमारी से परेशान मरीज पहुंच रहे हैं। फिजिशियन डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इस समय उल्टी, दस्त की समस्या अधिक होती है। शरीर में पानी की मात्रा कम नहीं होनी चाहिए। साथ ही संतुलित खानपान, धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।