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बदलते मौसम के साथ बिगड़ने लगी हवा
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वाराणसी। मौसम में बदलाव के साथ ही वायु प्रदूषण के स्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण का हाल खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। पार्टिकुलेट मैटर यानी पीएम 2.5 और पीएम 10 सामान्य से तीन से चार गुना तक अधिक मिले।
बृहस्पतिवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 282 क्यूबिक मीटर और पीएम 10 का अधिकतम स्तर 284 क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया।
औसत आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 का स्तर 213 और पीएम 10 का स्तर 192 था। पीएम 2.5 व 10 ही प्रदूषण के मुख्य कारक हैं। ये महीन धूल कण होते हैं जो आसानी से सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। बात करें मानकों की तो सामान्य मात्रा 50 प्रति क्यूबिक मीटर होना चाहिए। इसी तरह पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 प्रति क्यूबिक मीटर है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार वायु प्रदूषण बढ़ने के पीछे जाम, निर्माण कार्य और सफाई के दौरान मानकों का पालन नहीं होना है।
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बृहस्पतिवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 282 क्यूबिक मीटर और पीएम 10 का अधिकतम स्तर 284 क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया।
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औसत आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 का स्तर 213 और पीएम 10 का स्तर 192 था। पीएम 2.5 व 10 ही प्रदूषण के मुख्य कारक हैं। ये महीन धूल कण होते हैं जो आसानी से सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। बात करें मानकों की तो सामान्य मात्रा 50 प्रति क्यूबिक मीटर होना चाहिए। इसी तरह पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 प्रति क्यूबिक मीटर है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार वायु प्रदूषण बढ़ने के पीछे जाम, निर्माण कार्य और सफाई के दौरान मानकों का पालन नहीं होना है।
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