वाराणसी: जवाद तूफान की आहट से बदला मौसम, रात में बरसात से गिरा पारा, अभी और बरसेंगे बदरा
मौसम वैज्ञानिक ने वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में अगले 48 घंटों में तेज बारिश की आशंका जताई है। बारिश के कारण धान की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
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मई में यास, सितंबर में गुलाब और अब जवाद तूफान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान जवाद का असर वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में नजर आने लगा है। शनिवार को आधी रात के बाद हुई बारिश के कारण एक ओर जहां पारा गिरा है तो वहीं दूसरी ओर लोगों को उमस से भी राहत मिली। रात में करीब तीन मिलीमीटर की बारिश दर्ज की गई। रविवार की सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, दो दिन तक तेज हवा संग बारिश की संभावना है।
इससे पहले शनिवार दोपहर धूप के बाद शाम को अचानक मौसम बदल गया। बादल छाए रहे और हवा में नमी देखने को मिली। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से तूफान उठा है। पूर्वांचल में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा। यहां गरज चमक के साथ तेज रफ्तार हवा चलने और बारिश के आसार हैं।
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वहीं, बारिश की संभावना ने किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि अगर बारिश होगी तो खेतों में तैयार धान की फसल को ज्यादा नुकसान होगा, जो कटाई के लिए तैयार है।
किसानों का सता रहा फसल खराब होने का डर
फूलपुर के किसान ओम प्रकाश ने बताया कि एक बीघा में बैगन लगाने के लिए खेत तैयार कर लिया है। बारिश हुई तो खेत में पानी जमा होने से पौधे लगाना मुश्किल होगा। इटहि के किसान रोशन ने बताया कि खेतों में मटर की बुआई हो चुकी है। बारिश होने से परेशानी होगी।