फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   We tried to extinguish the political lamp CM

सीएम ने हमारा राजनीतिक चिराग बुझाने की कोशिश की

Mon, 27 Feb 2017 02:13 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी Updated Mon, 27 Feb 2017 02:13 AM IST
विज्ञापन
We tried to extinguish the political lamp CM
बसपा प्रतीक
बसपा के स्टार प्रचारक एवं पूर्व सांसद अफजाल अंसारी रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। बेनियाबाग मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा-मुख्यमंत्री ने हमें बदनाम और रुसवा किया। इसके बाद भी उनका मन नहीं भरा तो हमारा राजनीतिक चिराग बुझाने की कोशिश की। बोले- वह तो बहन मायावती थीं जिन्होंने हमें इज्जत बख्शी और पार्टी से टिकट देकर हमारा मान-सम्मान बचाया है। चुनाव में पूर्वांचल की जनता मुख्यमंत्री के एक-एक कदम का हिसाब बताएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि जब कौएद के सपा में विलय की वार्ता चल रही थी तो मुख्यमंत्री ने कहा था कि अतीक को ठंडा कर दिया हूं, तुम भी मान जाओ। उसी समय मैंने उनसे कहा था कि मैं दूसरी मिट्टी का बना हूं। मैं जुल्म के खिलाफ संघर्ष करना अपना धर्म समझता हूं। आरोप लगाया कि अंसारी बंधुओं का वजूद खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री ने मऊ में मऊ सदर और गाजीपुर में मुहम्मदाबाद सीट पर भाजपा से हाथ मिला लिया है। अफजाल ने पीएम को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि गधा बहुत अच्छा जानवर है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि गधे का प्रचार मत करो। दोनों रोजी-रोटी से ध्यान हटाकर गधे का वर्णन कर रहे हैं।
विज्ञापन


इससे पहले उन्होंने कैंट क्षेत्र के बजरडीहा के तकिया में पार्टी प्रत्याशी रिजवान अहमद, रोहनिया के कोटवा में प्रत्याशी सीए प्रमोद सिंह और शहर उत्तरी विधानसभा में सुजीत मौर्या के समर्थन में सभा को संबोधित किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष दीपचंद चौधरी, मेराज फारुकी जुग्गन, शिवबोध राम, डॉ. लक्ष्मीकांत भारती, नासिर जमाल, जीवन माली, रेहान हाशमी, अमित गुप्ता मौजूद रहे। संचालन एस जावेद ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अफजाल अंसारी ने अपने भाषण के दौरान शेर पढ़कर पीएम और सीएम की चुटकी ली। कहा-न उल्लू न खुस्सू...अजब तरह का जानवर देखता हूं, बहुत मिलती जुलती है सूरत तुम्हारी, एक दुम की कसर देखता ह्रूं..। सीएम को लखनऊ में सुनाए गए शेर उन्होंने फिर सुनाया-‘पत्थर के जिगर वालों गम में रवानी है, खुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है, मजलूम किया हूं तो कमजोर समझ लेना, तेरे जालिम हुकूमत मिटाने की निशानी है’।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed