फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Waterman rajendra singh says that ganga water is not usefull drink

मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा, गंगा का पानी आचमन लायक भी नहीं

Sat, 10 Nov 2018 10:06 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गाजीपुर/चंदौली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गाजीपुर/चंदौली Updated Sat, 10 Nov 2018 10:06 AM IST
विज्ञापन
Waterman rajendra singh says that ganga water is not usefull drink
जलपुरुष राजेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में गंगोत्री से निकाली गई अविरल गंगा संकल्प यात्रा शुक्रवार को गाजीपुर पहुंची। इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा को बचाने के नाम पर 18 हजार करोड़ रुपये खर्च हो गए, लेकिन गंगा का पानी स्नान करना तो दूर आचमन करने लायक भी नहीं है। इससे पहले गुरुवार को यात्रा के चंदौली पहुंचने पर स्वागत किया गया।
विज्ञापन


 गाजीपुर में शुक्रवार को सत्यदेव कॉलेज परिसर में कॉलेज की निदेशक डॉ. प्रीति सिंह ने राजेंद्र सिंह को सम्मानित किया। राजेंद्र सिंह ने सेमरा शिवरायकापुरा में गंगा कटान से हुए नुकसान और कटान का निरीक्षण किया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि गंगा को बचाने के लिए पहले निगमानंद फिर स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ जीडी अग्रवाल ने प्राण त्यागे। एक अन्य संत गोपालदास भी प्राण त्यागने वाले हैं। सुहवल में श्रीनाथ बाबा इंटर कालेज परिसर में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कटान के लिए गंगा में बालू खनन को जिम्मेदार ठहराया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 इससे पहले गुरुवार को यात्रा चंदौली के पीडीडीयू नगर पहुंची। यहां सुभाष पार्क में स्वागत किया गया। यहां सभा में राजेंद्र सिंह ने कहा कि गंगा राष्ट्रीय धरोहर है। गंगा जल में 17 ऐसे तत्व हैं, जो शरीर के लिए बेहद लाभकारी हैं। गंगा का प्रवाह रोककर इन तत्वों को नष्ट कर दिया गया है।

इससे गंगा बेसिन में  रहने वाले लगभग 40 करोड़ लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। इस क्षेत्र के लोगों में गंभीर बीमारियां फैलने लगी हैं। लोगों को इन बीमारियों से बचाने के लिए  गंगा का अविरल होना बहुत जरूरी है। केंद्र सरकार गंगा पर कई बांध बनवा रही है। इससे गंगा का प्रवाह रुक गया है। 

बालू खनन अवैध

जल पुरुष मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त राजेंद्र सिंह ने गुरुवार को बरहमोरी बालू साइट का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सोन नदी में हो रहे खनन की जानकारी ली। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि बरहमोरी में बालू साइट पर खनन अवैध है। भारत सरकार की नदी नीति नदियों में माइनिंग की इजाजत नहीं देती है। नदियों को बांध कर इस तरह खनन करना नदी की हत्या के समान है।

नदियों में चाहे जहां पानी रोक देना, फिर उनको रोड की तरह उपयोग करना और नदी में जहां-तहां गड्ढे खोदना यह नदी पर अतिक्रमण और उसका शोषण है। एनजीटी ने जो निर्णय दिए हैं, जो भी प्रतिबंध लगाए हैं, उसकी अवमानना है। भारत के पर्यावरणीय कानून और नदी दोनों की हत्या है। 

 

कटान रोकने को आगे आएं लोग

मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में गोमुख से गंगासागर तक निकली गंगा सद्भावना यात्रा का युवराजपुर में युवा समाजसेवी शम्मी कुमार सिंह की अगुवाई में स्वागत किया गया। इस अवसर पर जल पुरुष को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।

श्रीनाथ बाबा इंटर कालेज परिसर में आयोजित गोष्ठी में श्री सिंह ने कटान की दुर्दशा के लिए गंगा में बालू खनन को जिमेदार ठहराया। पूरे गांव का आह्वान किया कि जिला प्रशासन की राह देखे बिना स्वयं पूरे गांव के लोग एकत्र होकर बालू की बोरी डालकर स्वयं कटान को रोकने का कार्य करें। 
गोष्ठी में उन्होंने कहा कि इस गांव में गंगा कटान की लड़ाई को लखनऊ से लेकर दिल्ली तक लड़ने का काम करूंगा। उन्होंने युवराजपुर गांव के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी अंकुर सिंह को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed