अवैध खनन के लिए वर्चस्व की जंग: वाराणसी में विधायक के भाई की शह पर गहरा रहा है विवाद, हो सकती है बड़ी घटना
कोदोपुर बालू साइड पर बीते मंगलवार को हुई मारपीट के मामले में वाराणसी के एक विधायक के भाई की भूमिका के बाद अब विवाद गहरा सकता है।
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वाराणसी में गंगा में अस्तित्व खो चुकी नहर से निकले खनिज के नाम पर दिए गए बालू ठेके में अब अवैध खनन के लिए कई गुटों के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ गई है। कोदोपुर बालू साइड पर बीते मंगलवार को हुई मारपीट के मामले में वाराणसी के एक विधायक के भाई की भूमिका के बाद अब विवाद गहरा सकता है।
उधर, खनन विभाग की लापरवाही के चलते बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस का मानना है कि खनन विभाग ने अगर यहां अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई तो विवाद गहरा सकता है।
गंगा में पिछले साल नहर खोदाई के दौरान निकले सात लाट का ठेका जिला प्रशासन ने किया था।
अवैध रेत खनन के चलते दूसरे लोग भी सक्रिय
इसमें छह लाट उठान की समयसीमा समाप्त होने के बाद अवैध खनन का प्रयास किया गया। उधर, सातवें लाट का ठेका पाने वाली महादेव कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास उठान का समय बचा है। मगर, इसी आड़ में अवैध खनन के चलते दूसरे लोग भी यहां सक्रिय होने लगे हैं।
वाराणसी के एक विधायक पूर्व पंचायत प्रतिनिधि कंपनी के ठेके पर ही अवैध खनन का दबाव बना रहे थे। बात नहीं बनने पर मंगलवार को साइड पर असलहाधारी युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई थी और रामनगर में इस मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में विवाद के पीछे अवैध खनन को कारण माना जा रहा है। विधायक के भाई की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस भी इस मामले में संजीदगी से पड़ताल कर रही है।