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आजमगढ़ का इनामी बदमाश मुठभेड़ में मारा गया, इसके खौफ से लोगों ने छोड़ दिया था इलाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़/हापुड़
Updated Tue, 30 Jan 2018 04:38 PM IST
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मोहन पासी
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी पुलिस के हाथ एक और सफलता लगी। पुलिस ने आजमगढ़ में पेशी से फरार हुए एक इनामी को मुठभेड़ में मार गिराया। आजमगढ़ के जहानागंज थाने के डीहां गांव के प्रधान पप्पू सिंह सहित तीहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ 50 हजार का इनामी मोहन पासी हापुड़ में हुई मुठभेड़ में ढेर हो गया।
वह साल 2006 में निजामाबाद थाने में हुई गोली मारकर लुट के मामले में पेशी पर आया हुआ था। 18 दिसंबर 2017 की दोपहर कोर्ट से बाहर निकलते समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। मोहन की गिरफ्तारी के लिए एसपी अजय कुमार साहनी ने गिरफ्तारी के लिए आठ टीमों का गठन किया था।
पुलिस की टीम उसके लिए खाक छान रही थी। गिरफ्तारी न होने पर डीआईजी आजमगढ़ की तरफ से 50 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था। उधर मोहन की फरारी को पुलिस की साजिश करार देते हुए तमाम संगठनो के लोग पुलिस पर तरह तरह के आरोप और धरना प्रदशन की रणनिति तैयार कर रहे थे।
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विरोध की वजह से पुलिस पेशोपेश में पड़ी हुई थी। सोमवार को हापुड़ में एसटीएफ लखनऊ की टीम द्वारा मोहन को ढेर करने पर ना केवल लोगों का मुंह बंद हो गया। बल्कि आजमगढ़ में अपराध के क्षेत्र में बहुत बड़ा बदमाश खत्म हो गया।
जेल में बंद श्यामबाबू पासी गिरोह का मुख्य शूटर मोहन पासी जेल के भीतर से फोन करके रंगदारी मांगता था। उसके गिरोह के लोग वसूली करते थे। रंगदारी की धमकी से भयभीत कई कारोबारी भूमिगत और इलाका छोड़ दिया है।
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वह साल 2006 में निजामाबाद थाने में हुई गोली मारकर लुट के मामले में पेशी पर आया हुआ था। 18 दिसंबर 2017 की दोपहर कोर्ट से बाहर निकलते समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। मोहन की गिरफ्तारी के लिए एसपी अजय कुमार साहनी ने गिरफ्तारी के लिए आठ टीमों का गठन किया था।
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पुलिस की टीम उसके लिए खाक छान रही थी। गिरफ्तारी न होने पर डीआईजी आजमगढ़ की तरफ से 50 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था। उधर मोहन की फरारी को पुलिस की साजिश करार देते हुए तमाम संगठनो के लोग पुलिस पर तरह तरह के आरोप और धरना प्रदशन की रणनिति तैयार कर रहे थे।
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विरोध की वजह से पुलिस पेशोपेश में पड़ी हुई थी। सोमवार को हापुड़ में एसटीएफ लखनऊ की टीम द्वारा मोहन को ढेर करने पर ना केवल लोगों का मुंह बंद हो गया। बल्कि आजमगढ़ में अपराध के क्षेत्र में बहुत बड़ा बदमाश खत्म हो गया।
जेल में बंद श्यामबाबू पासी गिरोह का मुख्य शूटर मोहन पासी जेल के भीतर से फोन करके रंगदारी मांगता था। उसके गिरोह के लोग वसूली करते थे। रंगदारी की धमकी से भयभीत कई कारोबारी भूमिगत और इलाका छोड़ दिया है।
एक बदमाश हुआ फरार
मोहन पासी
- फोटो : file photo
लखनऊ एसटीएफ द्वारा हापुड़ पुलिस को सोमवार देर शाम सूचना मिली कि आजमगढ़ कोर्ट से 18 दिसंबर को पेशी के दौरान फरार बदमाश मोहन पासी साथी के साथ पिलखुवा से हापुड़ की ओर आ रहा है।
एसटीएफ पुलिस बदमाशों का पीछा कर रही थी। हापुड़ सीमा पर नाकेबंदी कर ली गई, तभी पुलिस को एक बाइक पर सवार दो लोग पिलखुवा की ओर से आते दिखे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो बदमाशों ने फायर कर दिया और हापुड़ की ओर फरार होने लगे।
पुलिस के पीछा करने पर बदमाश एचपीडीए के पास आनंद विहार की ओर मुड़ गए, लेकिन बिजली घर के पास बाइक फिसल जाने से दोनों बदमाश गिर गए। इसके बाद बदमाश फायरिंग करते हुए खेतों की ओर भाग निकले।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को सिर में गोली लगी, जिसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का लाभ उठाकर फरार होने में कामयाब हो गया। बदमाश की पहचान मोहन पासी निवासी आजमगढ़ के रूप में हुई।
एसटीएफ पुलिस बदमाशों का पीछा कर रही थी। हापुड़ सीमा पर नाकेबंदी कर ली गई, तभी पुलिस को एक बाइक पर सवार दो लोग पिलखुवा की ओर से आते दिखे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो बदमाशों ने फायर कर दिया और हापुड़ की ओर फरार होने लगे।
पुलिस के पीछा करने पर बदमाश एचपीडीए के पास आनंद विहार की ओर मुड़ गए, लेकिन बिजली घर के पास बाइक फिसल जाने से दोनों बदमाश गिर गए। इसके बाद बदमाश फायरिंग करते हुए खेतों की ओर भाग निकले।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को सिर में गोली लगी, जिसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का लाभ उठाकर फरार होने में कामयाब हो गया। बदमाश की पहचान मोहन पासी निवासी आजमगढ़ के रूप में हुई।