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विजयादशमी : 70 फीट का रावण 71 सेकंड में खाक, बुराई का प्रतीक बना कॉकरोच भी दहन; गूंजे प्रभु श्रीराम के जयघोष

Wed, 21 Oct 2026 05:06 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 21 Oct 2026 05:06 PM IST
सार

वाराणसी में विजयादशमी पर 70 फीट का रावण 71 सेकंड में खाक हुआ। वहीं बुराई  का प्रतीक बना कॉकरोच भी दहन किया गया। इस दौरान प्रभु श्रीराम के जयघोष गूंजे। इस दौरान बरेका मैदान में हुजूम उमड़ा। 

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Vijayadashami 70-foot-tall Ravana reduced to ashes in 71 seconds cockroach symbolizing evil in varanasi
काशी में रावण दहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विजयादशमी पर असत्य और बुराई के प्रतीक रावण का प्रभु श्रीराम ने अंत किया। कॉकरोच को भी इसका प्रतीक मान रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के साथ खाक हुआ। बरेका के मैदान में पूर्वांचल के सबसे ऊंचा 70 फीट के रावण 71 सेकंड में जलकर खाक हो गया। जबकि इसको बनाने में दो माह लगा था। बरेका में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। रावण दहन के साथ सतरंगी आतिशबाजी का नजारा दिखा। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी रावण दहन के साथ विजयादशमी का उल्लास छाया रहा। रात तक पूजा पंडालों में उत्सवी माहौल रहा। लोगों ने देवी दर्शन के साथ मेला का लुत्फ उठाया।

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विजयादशमी पर काशी में रावण दहन का उत्सव बरेका में केंद्रीय खेल मैदान में सुबह से ही लोग पहुंचने लगे। दोपहर तक मैदान का हर कोने में बुराई पर अच्छाई की जीत रावाण दहन की लीला देखने सैलाब उमड़ पड़ा। ढाई घंटे चले मोनो एक्टिंग पर आधारित रूपक के बाद आकर्षक आतिशबाजी के बीच 70 फीट ऊंचे रावण, 65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण एवं 60 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतलों का दहन हुआ। 
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प्रभु श्रीराम के तीर से रावण खाक हो गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भगवान श्रीराम, माता जानकी एवं लक्ष्मण की आरती उतारी। एसडी सिंह के निर्देशन में राम बन गमन से लेकर रावण बध तक के प्रसंगों के रूपक के रूप में कहरवा, चैती, छप्पय, कजरी की धुनों पर मानस की चौपाइयों की लड़ियों को पिरोया। 

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राम वनगमन, सीता हरण, वानरों द्वारा सीता की खोज, लंका दहन, हनुमान जी की वापसी एवं विभीषण की शरणागति जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन हुआ। रामलीला सेवा समिति की ओर से मलदहिया चौराहे पर 45 फीट का रावण का दहन होगा। शाम को कृष्णा धर्मशाला से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान की शोभायात्रा मालदहिया चौराहे तक निकाली गई। 

प्रदेश के राज्यमंत्री रवींद्र जायवाल ने भगवान श्रीराम के पात्र को कंधे पर बैठाए थे। इसके बाद रावण का दहन हुआ। श्रीरामलीला समिति कचहरी क्षेत्र की ओर से विजयादशमी पर अर्दली बाजार के महावीर मंदिर चौराहे पर 30 फीट रावण के साथ 20 फीट कॉकरोच का दहन हुआ। पुतले पर कॉकरोच का पोस्टर लगा था। इसके जरिए राष्ट्रहित सर्वोपरि के संदेश दिया। 

समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि रावण, कुंभकरण के साथ देशघाती कॉकरोच का दहन किया गया। कॉकरोच को भी हमारे समाज में बुराई का प्रतीक माना जाता है। गोस्वामी तुलसीदास रामलीला समिति की ओर से 52 फीट का रावण लंका पर जला। भोजूबीर में रावण 35 फीट व कुंभकरण और मेघनाद 30-30 फीट के पुतले को जलाया गया। हुकुलगंज में 35 फीट ऊंचा रावण का दहन हुआ।

रोहनिया बाजार व मोहनसराय स्थित तालाब के पास विजयादशमी मेला लगा। रामलीला समिति की ओर से राम-रावण युद्ध की लीला हुई। 25 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। मेले में ग्रामीणों की भारी भीड़ रही। दानगंज नियार डीह में भी रावण दहन को देखने लोग पहुंचे थे। चौबेपुर कस्बा स्थित रामलीला मैदान में रामलीला के प्रसंगों के विस्तार देने के बाद प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किए। जाल्हुपुर के टूड़ी नगर रामलीला में भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध की शुरुआत घुड़दौड़ के साथ हुई। दो दर्जन घोड़े शामिल रहे। प्रभु श्रीराम रथ पर सवार होकर रावण पर अग्निबाण चलाए, जिसके बाद रावण मारा गया। आतिशबाजी और पटाखों की गूंज होती रही। 25 हजार से अधिक लोगों की भीड़ रही। लोहता रामलीला समिति की ओर से 11 फीट के रावण का दहन हुआ।

विभीषण ने किया इसारा, राम ने रावण की नाभि में मारे तीर
रामनगर की रामलीला में रामलीला के छब्बीसवें दिन मंगलवार के प्रसंग में रावण अपने सारथी को डांटता है कि तुमने मेरा रणभूमि छुड़ाया। वह युद्ध करता है और कई तरह का माया दिखाता है। यह सब देख विभीषण श्री राम को रावण की नाभि में तीर मारने को कहते हैं। श्रीराम उसके नाभि में तीर मारते हैं और रावण के प्राण पखेरू उड़ जाते हैं। विभीषण रावण की मृत्यु पर विलाप करते हैं। श्रीराम विभीषण से शोक छोड़ रावण की अंत्येष्टि करने को कहते हैं। विभीषण रावण को मुखाग्नि देते हैं। रावण का शरीर धू-धू कर जलता है और राख हो जाता है। चारों ओर श्रीराम की जय जयकार होने लगती है।

रावण हाथ में शराब की बोतल व गिलास लेकर जला
काशीपुर नई बस्ती में लोगों ने एक ऐसे रावण को बनाया जिसमें लागत नाम मात्र की आई। इस रावण के माध्यम से समाज में व्याप्त तात्कालिक बुराइयों की ओर ध्यान केंद्रित किया।कुछ युवकों ने शराबबंदी के लिए इसे प्रतीक मानकर रावण के एक हाथों में शराब की बोतल और एक हाथ में गिलास था। गले में शराब की बोतल लटकाई गई थी। इसके बाद रावण का दहन हुआ। लोगों ने शराब को खराब बताकर सरकार से इस पर रोक लगाने की मांग की।

जेल में भी रावण का दहन
केंद्रीय कारागार के रामलीला में दशमी को भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध हुआ। प्रभु राम ने रावण का वध किया। इसके बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन हुआ। इसके साथ ही लीला का समापन हुआ। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र मौजूद रहे। इस दौरान शक्ति पूजा पर कथक की मोहक प्रस्तुति समीक्षा शर्मा ने की।

सारनाथ में नवंबर में जलेगा रावण
जिले का अंतिम रावण सारनाथ में दहन होगा। सारंगनाथ राम लीला समिति की ओर से रामलीला 28 अक्तूबर से चार नवम्बर के बीच होगी। राम लीला समिति के मंत्री जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि यहां की लीला देर से शुरू होती है। इसलिए रावण दहन भी देर से होगा। यहां विजया दशमी पर नहीं रावण दहन होगा।
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