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विद्यापीठ : ऑनलाइन जमा की फीस, नहीं मिली रसीद
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मुख्य परिसर सहित गंगापुर, भैरव तालाब के विद्यार्थी ऑनलाइन फीस जमा कर विश्वविद्यालय और बैंक के चक्कर काट रहे हैं। छात्रों के सामने ऐसी स्थिति हो गई है कि वह ना तो छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं और न ही नए सत्र में दाखिला। रसीद नहीं मिलने से छात्र परेशान हैं।
काशी विद्यापीठ में स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं ने नए सेमेस्टर में दाखिले के लिए सितंबर में वेबसाइट पर ऑनलाइन फीस जमा की थी। पेमेंट तो हो गया, लेकिन विद्यार्थियों के पास कोई संदेश नहीं आया। छात्रों ने चार-पांच दिन इंतजार करने के बाद बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि छात्रों की फीस विश्वविद्यालय के मर्चेंट अकाउंट में जमा हो चुकी है। बैंक से कहा गया कि छात्र विश्वविद्यालय से इस मामले में संपर्क करें। छात्रों ने विश्वविद्यालय में अधिकारियों से कई बार संपर्क किया, लेकिन हर बार आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया। कुलसचिव कार्यालय में भी छात्रों ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मुख्य समेत सभी परिसरों में छात्र-छात्राएं इस समस्या से जूझ रहे हैं। 25 अक्तूबर छात्रवृत्ति आवेदन और फीस जमा करने की अंतिम तिथि है। ऐसे में छात्रों को समझ नहीं आ रहा है कि वह क्या करें? जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवरत्न सिंह ने बताया कि छात्रों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। तकनीकी कारणों से समस्या हुई है।
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काशी विद्यापीठ में स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं ने नए सेमेस्टर में दाखिले के लिए सितंबर में वेबसाइट पर ऑनलाइन फीस जमा की थी। पेमेंट तो हो गया, लेकिन विद्यार्थियों के पास कोई संदेश नहीं आया। छात्रों ने चार-पांच दिन इंतजार करने के बाद बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि छात्रों की फीस विश्वविद्यालय के मर्चेंट अकाउंट में जमा हो चुकी है। बैंक से कहा गया कि छात्र विश्वविद्यालय से इस मामले में संपर्क करें। छात्रों ने विश्वविद्यालय में अधिकारियों से कई बार संपर्क किया, लेकिन हर बार आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया। कुलसचिव कार्यालय में भी छात्रों ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मुख्य समेत सभी परिसरों में छात्र-छात्राएं इस समस्या से जूझ रहे हैं। 25 अक्तूबर छात्रवृत्ति आवेदन और फीस जमा करने की अंतिम तिथि है। ऐसे में छात्रों को समझ नहीं आ रहा है कि वह क्या करें? जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवरत्न सिंह ने बताया कि छात्रों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। तकनीकी कारणों से समस्या हुई है।
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