#LadengeCoronaSe: वाराणसी में 90 साल के बुजुर्ग ने दी कोविड को मात, अस्पताल ने सम्मानित कर घर भेजा
90 साल के राम जनम सिंह को जब अस्पताल में लाया गया था तो उनकी हालत काफी गंभीर थी। ऑक्सीजन लेबल 88 था लेकिन डॉक्टरों के द्वारा दिए गए बेहतर उपचार की बदौलत आठ दिन में वह पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए। बुधवार को अस्पताल के समस्त स्टाफ ने उन्हें सम्मानित कर घर भेजा।
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कोरोना महामारी की भयावह लहर के कारण चारों तरफ निराशा और हताशा के माहौल के बीच वाराणसी में 90 साल के रामजनम सिंह ने इस जानलेवा वायरस को मात देकर अपनी जिजीविषा और जीवन के प्रति अपने सकारात्मक नजरिये की अनूठी मिसाल पेश की है। कोरोना संक्रमित होने के बावजूद 90 साल के रामजनम ने हिम्मत नहीं हारीं और उन्होंने अपने आत्मबल से कोरोना को हराया और ठीक हो गए।
उनकी हिम्मत और साहस देखकर अस्प्तताल कर्मी प्रफुल्लित हैं। बुधवार को अस्पताल के समस्त स्टाफ ने उन्हें सम्मानित कर घर भेजा। रामजनम सिंह मूल रूप से ग्राम बनौली, थाना जमालपुर मिर्जापुर के रहने वाले हैं। 12 मई की आधी रात लगभग अचेतावस्था में उन्हें रामनगर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में बने लेवल दो कोविड अस्पताल लाया गया था।
अस्पताल के प्रभारी डॉ संजय शर्मा ने बताया कि जिस समय उन्हें अस्पताल लाया गया था उस वक्त उनका ऑक्सीजन लेवल 88 था। अस्पताल के लिए नियुक्त चिकित्सकों डॉ एनके यादव, डॉ एके सिंह और डॉ राकेश गुप्ता ने उनके इलाज की कमान संभाली। सबसे पहला काम उनका नैतिक साहस बढ़ाने का किया। ऑक्सीज़न सपोर्ट दिया गया। फिर वही दवाइयां चलाई गईं जो आम तौर पर कोरोना मरीजों को चलाई जाती है।
बुजुर्ग रामजनम के साथ साये की तरह रहने वाली उनकी पोती स्टाफ नर्स सरिता, चंद्रबाला, कविता ने भी उनकी देखभाल की। नतीजा ये हुआ कि आठ दिन के इलाज के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ हो गए और उनका ऑक्सीजन लेवल सामान्य हो गया। बुधवार को अस्पताल के समस्त स्टाफ ने उन्हें सम्मानित कर घर भेजा।
कोविड अस्पताल के बाहर उनको जब माला पहना कर हर हर महादेव का उद्घोष किया तो रामजनम ही नहीं उनके परिवार के लोगों की आंखों से आंसू निकल पड़े। पोती ने सबका आभार जताते हुए बस यही कहा कि लोगों को निजी अस्पतालों से दूर ही रहना श्रेयस्कर होगा।
कहा कि उसके दादा को यहां मिले इलाज से ज्यादा चिकित्सकों और सहयोगी स्टाफ से मिले अपनेपन से कोरोना को मात देने में सफल हुए। इस दौरान अस्पताल के सीएमएस डॉ एके उपाध्याय, डॉ संजय शर्मा, डॉ एन के यादव, सहित अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ मौजूद थे।