बरेका में देश भर के वेंडरों का जुटान, तैयार होंगे 355 मालवाहक इंजन
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स्वदेशी को बढ़ावा देने को बनारस रेलइंजन कारखाना में वेंडर मीट का आयोजन किया जा रहा है। रेल इंजन में उपयोग किए जाने वाले उत्पादों की प्रदर्शनी का शुभारंभ महाप्रबंधक अंजली गोयल ने किया। वेंडर मीट में देश विदेश के लगभग 200 वेंडर हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान जीएम अंजली गोयल ने कहा कि इस वेंडर मीट से आत्मनिर्भर भारत अभियान के स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
जीएम ने कहा कि नए वित्तीय वर्ष 2021-22 में बरेका का लक्ष्य 355 मालवाहक इंजन तैयार करना है, इन इंजनों का उपयोग फ्रेट कॉरिडोर में किया जाएगा। पिछले सत्र में 275 इंजनों का लक्ष्य रखा गया था। बरेका रेलवे नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण के लक्ष्य के साथ अधिक विद्युत रेलइंजनों का निर्माण करके देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। इससे स्वदेशी उद्योग से सामग्री की खरीद बढ़ेगी, रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।
मीट के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी भारतीय रेलवे में शुरू किए गए लेटर ऑफ क्रेडिट योजना को समझाने के लिए विक्रेताओं के साथ बातचीत करेंगे। बरेका अभी भी निर्यात के लिए डीजल रेलइंजन बना रहा है। अब तक 165 रेल इंजनों का निर्यात किया गया है। मोज़ाम्बिक के लिए 6 रेल इंजनों का निर्यात आदेश हमारे पास है, जिनमें से दो इंजनों का निर्माण अंतिम चरण में है।
हम गैर रेलवे ग्राहकों के लिए भी डीजल इंजन बना रहे हैं। बरेका ने खनन तथा अन्य कंपनियों को 459 डीजल रेलइंजन बेचे हैं। बरेका ने मार्च 1976 में तंजानिया को अपना पहला लोको निर्यात किया था। तब से लेकर अब तक बरेका ने तंजानिया, वियतनाम, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, सेनेगल, सूडान, अंगोला, माली, मोजाम्बिक और मलेशिया जैसे विभिन्न देशों को 165 रेलइंजन निर्यात किए हैं।