मजदूर की मौत के बाद जागा वीडीए: अखरी में अवैध निर्माण पर चला हथौड़ा, कॉलोनी में मचा हड़कंप; ये है पूरा मामला
वाराणसी में पिछले दिनों मजदूर की मौत के बाद वीडीए प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। वीडीए ने उपासना नगर काॅलोनी अखरी में कल्पनाथ सिंह के मकान के अवैध निर्माण पर हथौड़ा चलाया। पुलिस की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से काॅलोनी में हड़कंप मच गया।
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मजदूर की मौत के बाद जागे वीडीए प्रशासन ने उपासना नगर काॅलोनी अखरी में कल्पनाथ सिंह के मकान के अवैध निर्माण पर हथौड़ा चलाया। पुलिस की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से काॅलोनी में हड़कंप मच गया। पांचवीं मंजिल तक बुलडोजर के न पहुंचने पर मजदूर बुलाए गए और अवैध निर्माण को तोड़ा गया।
कार्रवाई के दौरान मलबा गिरने से बिजली का खंभा टूट गया। इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वीडीए ने पूरा मकान आठ जनवरी तक तोड़ने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके साथ ही पास में बन रहे पांच तल के लक्ष्मण सिंह के मकान को भी अवैध निर्माण के चलते सील कर दिया है।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग के निर्देश पर हादसे वाले मकान पर पहुंचे संयुक्त सचिव परमानंद की अगुवाई में अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई। अवैध निर्माण तोड़ने के दौरान मलबा बिजली के हाइटेंशन तार पर गिर पड़ा। इससे पास का बिजली खंभा टूट गया। इससे काफी देर तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। आगे की कार्रवाई के लिए संयुक्त सचिव ने जोनल अधिकारी प्रमोद तिवारी, अवर अभियंता आरके सिंह को जिम्मेदारी दी है।
मकान की शटरिंग खोलने के दौरान हुए हादसे में चंदौली निवासी मजदूर रिंकू कोल की मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि बगैर वीडीए से नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण कराया जा रहा था। अक्तूबर में वीडीए की ओर से इसके अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया गया था, लेकिन जोनल, अवर और क्षेत्र के अभियंताओं की लापरवाही के कारण के अवैध निर्माण नहीं तोड़ा गया।
वीडीए के प्रभावहीन आदेश, डेढ़ हजार अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण नहीं
प्रभावहीन आदेश के लिए विख्यात वीडीए की मेहरबानी से शहर में अवैध निर्माण धड़ल्ले से चालू हैं। डेढ़ हजार से अधिक अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने के बाद भी तोड़े नहीं गए हैं।
बीते सालों में 20 हजार से अधिक अवैध निर्माणों को नक्शा पास कराने का नोटिस वीडीए ने दिया है। मगर आगे की कार्रवाई नहीं हो पाती है। कभी कभार हादसा हुआ तो अवैध निर्माणों पर हथौड़ा चलाकर खानापूर्ति होती है। पिछले दिनों नई सड़क पर बगैर अनुमति के पांच मंजिला मकान के ध्वस्तीकरण आदेश हुआ। कुछ हिस्सा तोड़कर छोड़ दिया गया। गोदौलिया के पास निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे में एक युवती की मौत हो गई। इसके बाद वीडीए ने तीन दिनों तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करके छोड़ दिया। महमूरगंज, सिगरा में सील होने के बाद न तो अवैध निर्माण गिराया गया और न ही आगे कार्रवाई की गई। जिसका फायदा उठाकर निर्माणकर्ता ने पूरे फ्लैट भी बेच दिए।
तोड़ने का शपथ पत्र देकर करते हैं अवैध निर्माण
वीडीए का नोटिस मिलने के बाद कई निर्माणकर्ता शपथ पत्र देते हैं कि वे खुद अपना अवैध निर्माण तोड़ लेंगे, लेकिन वे तोड़ने के बजाय अपना निर्माण पूरा कर लेते हैं। दरअसल, अवैध निर्माण के बाद नक्शा कंपाउंड कराने में वीडीए शपथ पत्र लेकर ध्वस्तीकरण को खुद तोड़वाने का लाभ देती है।
वीडीए की ओर से जल्द ही अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत अवैध निर्माणों को जोनवार ध्वस्त कराया जाएगा। सभी जोनल अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया है। - परमानंद यादव, संयुक्त सचिव, वीडीए