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वरुणा कॉरिडोर के सीमांकन में खेल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 19 Apr 2016 01:37 AM IST
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वरुणा कॉरिडोर में केवल अतिक्रमण ही नहीं बल्कि सरकारी विभाग भी बाधक बने हैं। वरुणा के सीमांकन में भी होटलों को बचाने के लिए खूब खेल किया गया। जहां से माल मिला वहां पिलर दूर गाड़ा गया, जहां माल नहीं मिला वहां नजदीक पिलर गाड़ा दिया गया। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
सीमांकन के लिए बनी संयुक्त टीम में राजस्व विभाग के अलावा वीडीए और नगर निगम के अधिकारी शामिल थे। वहीं, सोमवार को भी वीडीए ने बुद्ध विहार कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने की खानापूर्ति की।
कॉलोनी के लोगों की मानें तो वरुणा कॉरिडोर विकसित करने के लिए केवल रिहायशी मकानों को ही निशाना बनाया जा रहा है।
उसी क्षेत्र के कई बड़े होटलों को अतिक्रमण के दायरे से बाहर रखा गया है। सीमांकन के दौरान इन होटलों के सामने पिलर दूर गाड़ा है जबकि रिहायशी इलाके में पिलर नजदीक गाड़े गए हैं। इसके पीछे वीडीए की मंशा साफ है कि होटलों को बचा लिया जाए और लोगों के घरों को तोड़ दिया जाए। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि केवल गिनती के लोगाें को ही नोटिस दिया है।
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कोई भी देखकर बता सकता है कि पिलर गाड़ने में कितनी मनमानी की गई है। बड़े लोगों के अतिक्रमण को बचाने का पूरा प्रयास किया गया है। यही नहीं, इन होटलों के नक्शे भी निर्माण के अनुसार पास किए गए हैं। वीडीए का यह रवैया लोगों को रास नहीं आ रहा है।
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सीमांकन के लिए बनी संयुक्त टीम में राजस्व विभाग के अलावा वीडीए और नगर निगम के अधिकारी शामिल थे। वहीं, सोमवार को भी वीडीए ने बुद्ध विहार कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने की खानापूर्ति की।
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कॉलोनी के लोगों की मानें तो वरुणा कॉरिडोर विकसित करने के लिए केवल रिहायशी मकानों को ही निशाना बनाया जा रहा है।
उसी क्षेत्र के कई बड़े होटलों को अतिक्रमण के दायरे से बाहर रखा गया है। सीमांकन के दौरान इन होटलों के सामने पिलर दूर गाड़ा है जबकि रिहायशी इलाके में पिलर नजदीक गाड़े गए हैं। इसके पीछे वीडीए की मंशा साफ है कि होटलों को बचा लिया जाए और लोगों के घरों को तोड़ दिया जाए। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि केवल गिनती के लोगाें को ही नोटिस दिया है।
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कोई भी देखकर बता सकता है कि पिलर गाड़ने में कितनी मनमानी की गई है। बड़े लोगों के अतिक्रमण को बचाने का पूरा प्रयास किया गया है। यही नहीं, इन होटलों के नक्शे भी निर्माण के अनुसार पास किए गए हैं। वीडीए का यह रवैया लोगों को रास नहीं आ रहा है।