विश्वनाथ मंदिर की बिजली पर गरमाई सियासत
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चुनावी जनसभाओं में बनारस में बिजली आपूर्ति को लेकर पीएम-सीएम में तभी वाक्युद्ध शुरू हो गया था जब वे बनारस नहीं आए थे। चार मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम अखिलेश वाराणसी में थे। सीएम ने दिन में हुई जनसभाओं में कहा कि पीएम भी यहीं हैं। आज तो उन्हें पता चल गया होगा कि बनारस को कितनी बिजली मिलती है। इधर, शाम को जब राहुल, अखिलेश और डिंपल विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने पहुंचे उसी दौरान मंदिर परिसर की बिजली गुल हो गई। इसे लेकर कुछ ही देर बाद टाउनहाल में आयोजित जनसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने फिर कहा कि झूठ बोलने वालों को बाबा भोलेनाथ ने ही आईना दिखा दिया।
हालांकि विभागीय अफसरों का कहना था कि सीएम और राहुल के रोड शो के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर बिजली काटी गई थी। एक दिन पहले वाराणसी में फिर अफसरों ने सफाई दी कि एसपीजी के निर्देश पर सतर्कतावश ऐसा किया गया। उधर, बिजली को लेकर पीएम-सीएम की जुबानी जंग के बीच अफसर सकते में हैं। आला अधिकारियों ने मातहतों को निर्देश दे रखा है कि किसी भी इलाके की बिजली बगैर उनकी जानकारी के नहीं काटी जाएगी। यहां तक के विकास कार्यों के नाम पर जो शटडाउन लिया जा रहा था उसे भी बंद कर दिया गया है।