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सामने आया फर्जीवाड़ा तो डीएम वाराणसी ने अपर उप जिलाधिकारी के न्यायिक कार्यों पर लगायी रोक
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Wed, 31 May 2017 03:21 PM IST
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भीमनगर में नगर निगम की 302 एयर जमीन के विनिमय का मामला
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम की करीब डेढ़ बीघा जमीन के फर्जी तरीके से विनिमय के आदेश के आरोप में अपर उप जिलाधिकारी को न्यायिक कार्य से जिलाधिकारी ने प्रतिबंधित कर दिया है।
वाराणसी के भीमनगर स्थित करीब डेढ़ बीघा जमीन पर चंदौली के पूर्व सांसद एवं सपा नेता जवाहर जायसवाल और उनके भाई हीरा जायसवाल ने कब्जा कर रखा है। इस जमीन की कीमत करोड़ों में है।
इस बात का खुलासा अमर उजाला ने ही किया था। इस खेल को अंजाम दिया अपर उप जिलाधिकारी ने जिन्होंने फर्जी तरीके से पूर्व सांसद और उनके भाई के नाम विनिमय का आदेश कर दिया।
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वाराणसी जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा ने बुधवार को इस फर्जीवाड़े पर कड़ी कार्रवाई करते हुए अपर उपजिलाधिकारी सदर बसंत कुमार गुप्त को न्यायिक कार्य से प्रतिबंधित कर दिया है। एसीएम चतुर्थ त्रिभुवन ने शनिवार को मौके का निरीक्षण करने के बाद डीएम योगेश्वर राम मिश्र को इस बारे में रिपोर्ट दी थी।
यह जमीन जिला शहरी विकास प्राधिकरण (डूडा) और जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय को आवंटित की गई थी। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पढ़ने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई थी। वरुणा नदी के एक किनारे पर कॉरिडोर के तहत पक्के घाट का निर्माण चल रहा था तो वहीं दूसरे किनारे पर इसी आड़ में डूब क्षेत्र पर कब्जा चल रहा था।
भीमनगर में धीरे-धीरे डूब क्षेत्र को पाटकर वरुणा नदी की तलहटी में करीब पचास मीटर लंबी बाउंड्री बना दी गई। यह सारा काम डीएम आवास के पीछे ही हुआ लेकिन किसी ने भी इस कब्जे को रोकने की जहमत नहीं उठाई।
यह वाकया सपा सरकार के समय का है और मामला पूर्व सांसद सपा नेता जवाहर जायसवाल से जुड़ा होने के नाते संभवत: सभी जिम्मेदारों ने आंखें मूंदें रखीं।
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वाराणसी के भीमनगर स्थित करीब डेढ़ बीघा जमीन पर चंदौली के पूर्व सांसद एवं सपा नेता जवाहर जायसवाल और उनके भाई हीरा जायसवाल ने कब्जा कर रखा है। इस जमीन की कीमत करोड़ों में है।
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इस बात का खुलासा अमर उजाला ने ही किया था। इस खेल को अंजाम दिया अपर उप जिलाधिकारी ने जिन्होंने फर्जी तरीके से पूर्व सांसद और उनके भाई के नाम विनिमय का आदेश कर दिया।
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वाराणसी जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा ने बुधवार को इस फर्जीवाड़े पर कड़ी कार्रवाई करते हुए अपर उपजिलाधिकारी सदर बसंत कुमार गुप्त को न्यायिक कार्य से प्रतिबंधित कर दिया है। एसीएम चतुर्थ त्रिभुवन ने शनिवार को मौके का निरीक्षण करने के बाद डीएम योगेश्वर राम मिश्र को इस बारे में रिपोर्ट दी थी।
यह जमीन जिला शहरी विकास प्राधिकरण (डूडा) और जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय को आवंटित की गई थी। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पढ़ने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई थी। वरुणा नदी के एक किनारे पर कॉरिडोर के तहत पक्के घाट का निर्माण चल रहा था तो वहीं दूसरे किनारे पर इसी आड़ में डूब क्षेत्र पर कब्जा चल रहा था।
भीमनगर में धीरे-धीरे डूब क्षेत्र को पाटकर वरुणा नदी की तलहटी में करीब पचास मीटर लंबी बाउंड्री बना दी गई। यह सारा काम डीएम आवास के पीछे ही हुआ लेकिन किसी ने भी इस कब्जे को रोकने की जहमत नहीं उठाई।
यह वाकया सपा सरकार के समय का है और मामला पूर्व सांसद सपा नेता जवाहर जायसवाल से जुड़ा होने के नाते संभवत: सभी जिम्मेदारों ने आंखें मूंदें रखीं।