मजदूरों को लेकर गया जा रही ट्रेन में बैठा वाराणसी का युवक, झूठ बोलकर सवार हुआ पीडीडीयू स्टेशन पर कूदा
कोटा से श्रमिकों को लेकर बिहार के गया जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन से सोमवार की सुबह स्थानीय चंदौली के पीडीडीयू रेलवे स्टेशन से कुछ आगे जीटीआर ब्रिज के पास एक युवक कूद गया। इस दौरान ट्रेन काफी धीमी से चल रही थी। इस घटना से रेलवे प्रशासन में खलबली मच गई।
आरपीएफ और जीआरपी के साथ रेलवे अधिकारियों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तलाश कर युवक को चकिया तिराहे से पहले मानसरोवर तालाब के पास पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि युवक वाराणसी के मंडुवाडीह का रहने वाला है। आवश्यक जांच पड़ताल के बाद युवक को वाराणसी भेज दिया गया।
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से देश में लागू लॉकडाउन के कारण से विभिन्न राज्यों में कमाने गए प्रवासी श्रमिक वहीं फंस गए हैं। प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में कोटा से गया (बिहार) तक के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गईं।
एक हजार से अधिक श्रमिकों को लेकर ट्रेन सोमवार को स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पहुंची। सुबह साढ़े नौ बजे ट्रेन स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो पर पहुंची। इस दौरान यहां सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी कर्मी, वाणिज्यकर्मी सहित अन्य विभागीय टीम सतर्क हो गई। हालांकि यहां किसी को उतरना नहीं था।
सिर्फ ट्रेन में पानी भरा गया और गार्ड-चालक आदि बदले गए। निर्धारित ठहराव के बाद दस बजे ट्रेन आगे के लिए बढ़ी और रेलवे ओरब्रिज के समीप पहुंची थी कि ट्रेन से एक युवक नीचे उतर गया। यह देख कर अन्य यात्रियों ने शोर मचाया। इससे आरपीएफ सहित अन्य विभागों में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में आरपीएफ डीडीयू पोस्ट, मानसनगर पोस्ट, यार्ड पोस्ट के जवानों के साथ जीआरपीकर्मियों ने तलाश शुरू की। काफी तलाश के बाद युवक यार्ड के समीप मानसरोवर तालाब के पास टहलता मिला। पूछताछ में युवक ने अपना नाम रोनित कुमार पुत्र राजेश कुमार निवासी लहरतारा मंडुआडीह बताया।
उसने बताया कि उसे वाराणसी जाना था लेकिन कोई साधन न मिलने पर स्वयं को गया का बताकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार हो गया और यहां से खुलते ही उतर गया। आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि युवक की चिकित्सकीय जांच करने के बाद वाराणसी भेज दिया गया।