बनारस में होंगे सीएम तो बंद करेंगे शहर, जानिए किसने किया ऐलान
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सड़क, सीवर, अतिक्रमण और जाम की समस्याओं को लेकर व्यापारिक संगठनों ने सरकार से आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों का आश्वासन बहुत हो चुका है।
अब तक व्यापारी, उद्यमी आश्वासन की घुट्टी पीते रहे, लेकिन अब सब्र का बांध टूट चुका है। अधिकारियों का व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याएं हल नहीं करने पर अब जिस दिन शहर में मुख्यमंत्री रहेंगे उसी दिन बनारस बंद करेंगे।
शुक्रवार को शहर के व्यापारी और उद्यमी मलदहिया स्थित विनायक प्लाजा में एकत्रित हुए। संयुक्त व्यापार समिति की बैठक में एडीएम प्रोटोकाल अरुण कुमार की उपस्थिति में उद्यमियों और व्यापारियों ने बनारस बंद का ऐलान किया।
शहर की समस्याओं को लेकर हुई बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल अरुण कुमार को व्यापारियों ने जाम, अतिक्रमण, सीवर, पानी, छुट्टा पशुओं और अतिक्रमण की समस्याओं से अवगत कराया। संयुक्त व्यापार समिति के कोआर्डिनेटर आरके चौधरी ने कहा कि सड़कें गड्ढायुक्त होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
छुट्टा पशुओं के चलते आना-जाना मुश्किल हो गया है। गड्ढों को पाटने, सड़कों की मरम्मत कराने तथा पार्किंग स्थलों पर गंभीरता से ध्यान देकर पार्किंग सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। बैठक में महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा व महामंत्री अशोक जायसवाल ने कहा कि अधिकारियों की बैठक में हर बार विभागीय अधिकारी आश्वासन देते हैं, लेकिन बाद मे उस पर अमल नहीं होता।
व्यापारी आयोग के गठन की मांग
बैठक में उद्यमियों ने कहा कि देश व प्रदेश के विकास में उद्यमियों व व्यापारियों का बड़ा योगदान है। इनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए सरकार व्यापारी आयोग का गठन करें, ताकि व्यापारियों की समस्याएं हल हो सके।
बैठक में एडीएम प्रोटोकाल अरुण कुमार ने कहा कि शहर में समस्याएं तो है लेकिन तमाम योजनाओं पर काम भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की छोटी से छोटी समस्याओं से अवगत कराए ताकि काशी को स्वच्छ बनाया जा सके।
अरुण कुमार ने कहा कि जनवरी माह में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में उद्यमी व व्यापारियों की बहुत बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि शहर की समस्याआें को दूर करने के लिए हर दो हफ्ते में समीक्षा की जा रही है।