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रन फॉर योगा के लिए दौड़ा पूरा बनारस, लोगों में दिखा जोश और जज्बा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 20 Jun 2018 05:15 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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विश्व योगा दिवस के मद्देनजर जनजागरूकता के लिए वाराणसी जिला प्रशासन की ओर से गुरुवार को रन फॉर योगा का आयोजन किया गया। इसकी शुरुआत सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम से हुई। जो सिगरा थाना होते हुए मलदहिया चौराहा, इंग्लिशिया लाइन होते हुए भारत माता मंदिर तक गई। बता दें कि बुधवार को डीएम ने सभी से इस आयोजन में शामिल होने की अपील की थी।
योग का जीवन में उतना ही महत्व है, जितना कि भोजन और पानी। यदि शरीर को चुस्त और निरोगी बनाना चाहते हैं तो हर दिन कम से कम आधे घंटे योग करना लाभदायक होगा।
योग की अलग-अलग क्रियाओं का जीवन में महत्व है। इससे व्यक्ति अनुशासन सीखता है और खुशहाली आती है। नियमित योग से अपच, कब्ज, अनिद्रा को बिना दवाइयों का प्रयोग किए ही दूर किया जा सकता है।
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योग का जीवन में उतना ही महत्व है, जितना कि भोजन और पानी। यदि शरीर को चुस्त और निरोगी बनाना चाहते हैं तो हर दिन कम से कम आधे घंटे योग करना लाभदायक होगा।
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योग की अलग-अलग क्रियाओं का जीवन में महत्व है। इससे व्यक्ति अनुशासन सीखता है और खुशहाली आती है। नियमित योग से अपच, कब्ज, अनिद्रा को बिना दवाइयों का प्रयोग किए ही दूर किया जा सकता है।
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आधा घंटे का नियमित योग स्वस्थ बनाएगा, खुशहाली लाएगा
योग का जीवन में उतना ही महत्व है, जितना कि भोजन और पानी। यदि शरीर को चुस्त और निरोगी बनाना चाहते हैं तो हर दिन कम से कम आधे घंटे योग करना लाभदायक होगा। योग की अलग-अलग क्रियाओं का जीवन में महत्व है। इससे व्यक्ति अनुशासन सीखता है और खुशहाली आती है। नियमित योग से अपच, कब्ज, अनिद्रा को बिना दवाइयों का प्रयोग किए ही दूर किया जा सकता है।
अमर उजाला की ओर 21 जून को आयोजित होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में योग-ध्यान प्रशिक्षकों सहित विशेषज्ञों की स्पष्ट राय थी कि नियमित आचरण को जीवनचर्या में उतारना ही योग है।
स्वस्थ जीवन व्यक्तित्व विकास की आधारशिला है। बताया, योग के लिए अनुशासन, एकाग्रता और नियमित अभ्यास प्राथमिक आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने सभी को योग करने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ सलाह दी कि किताबी ज्ञान से बेहतर होगा कि योग एक गुरु के मार्ग निर्देशन में किया जाए।
सबने माना कि योग का विस्तार भले ही हुआ है लेकिन भ्रांतियां भी बढ़ी हैं। इस क्षेत्र में कार्य करने वालों को ये समझना होगा कि हमारी पुरातन विद्या हमारी बेहतरी में योगदान करे।
अमर उजाला की ओर 21 जून को आयोजित होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में योग-ध्यान प्रशिक्षकों सहित विशेषज्ञों की स्पष्ट राय थी कि नियमित आचरण को जीवनचर्या में उतारना ही योग है।
स्वस्थ जीवन व्यक्तित्व विकास की आधारशिला है। बताया, योग के लिए अनुशासन, एकाग्रता और नियमित अभ्यास प्राथमिक आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने सभी को योग करने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ सलाह दी कि किताबी ज्ञान से बेहतर होगा कि योग एक गुरु के मार्ग निर्देशन में किया जाए।
सबने माना कि योग का विस्तार भले ही हुआ है लेकिन भ्रांतियां भी बढ़ी हैं। इस क्षेत्र में कार्य करने वालों को ये समझना होगा कि हमारी पुरातन विद्या हमारी बेहतरी में योगदान करे।