Varanasi Weather: बर्फीली हवाओं ने ठिठुराया, शीतलहर की दस्तक, अभी ऐसे ही रहेगा मौसम
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पिछले सप्ताह तेज धूप होने, हवा न चलने से लोगों को ठंड से राहत मिली थी। एक बार फिर से पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। सोमवार शाम से ही अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम वैज्ञानिक इसे शीतलहर की दस्तक बता रहे हैं। उनका कहना है कि अभी इस तरह का मौसम चार दिन तक बने रहने की संभावना है। अचानक बदले मौसम का ही असर है कि तीन दिन में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
आम तौर पर जनवरी महीने में अधिकतम तापमान 20 से 22 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहता है लेकिन इस सप्ताह ही अधिकतम तापमान बढ़कर 27 डिग्री और न्यूनतम भी 18 डिग्री तक पहुंच गया था। एक बार फिर ठंड लौट आई है। मंगलवार सुबह शहरी और ग्रामीण इलाकों में कुछ जगहों पर कोहरा भी दिखा लेकिन दस बजे तक मौसम साफ हो गया था। दिन भर नम पछुआ हवा भी चलती रही, जिसकी वजह से लोगों ने सिहरन अधिक महसूस की।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय का कहना है कि ठंड का आना जाना पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता पर निर्भर रहता है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बीच में थोड़ी कम हो गई थी, इस वजह से ही मौसम गर्म हो गया था। बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी की वजह से उत्तर पश्चिमी नम हवाएं भी दस किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है। इस वजह से गलन बढ़ गई है। चार दिन तक अभी मौसम ऐसे ही बने रहने की संभावना है। इधर तापमान की बात करें तो तीन दिन में अधिकतम तापमान में आठ डिग्री की कमी दर्ज की गई जबकि न्यूनतम तापमान भी छह डिग्री कम हो गया।
तापमान में उतार चढ़ाव जारी
अधिकतम न्यूनतम12 जनवरी 18.6 9.6 डिग्री सेल्सियस
11 जनवरी 22.0 13.6 डिग्री सेल्सियस
10 जनवरी 26.0 15.6 डिग्री सेल्सियस
09 जनवरी 24.5 13.6 डिग्री सेल्सियस
08 जनवरी 25.0 13.6 डिग्री सेल्सियस
मौसम का बदलाव बना रहा बीमार, बरतें सावधानी
कोरोना संक्रमण का खतरा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, लेकिन सजगता, सतर्कता बरतने की जरूरत है अभी भी उतनी ही है जितनी पहले थी। इस बीच मौसम में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बूंदाबांदी। तापमान में भी उतार चढ़ाव बना है। मौसम में हो रहे तेजी से बदलाव की वजह से ही मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बच्चे हो या बड़े सर्दी खांसी जुकाम से लोग परेशान हैं। अस्पतालों की ओपीडी में भी अन्य बीमारियों की तुलना में सर्दी खांसी जुकाम और बुखार वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
ये बरतें सावधानी
पूरी बांह का कपड़ा पहनकर ही घर से निकलें
गुनगुने पानी का सेवन करें
ज्यादा मसालेदार, तेल वाले भोजन से परहेज करें
सर्दी, खांसी, जुकाम में बिना डॉक्टर की सलाह दवा न लें
दो दिन से अधिक बुखार आने पर अस्पताल पहुंचकर जांच करवाएं