{"_id":"5efa3dba8ebc3e433471f550","slug":"varanasi-weather-news-varanasi-news-vns5330104132","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंधी पानी ने रोक दी शहर की रफ्तार, कई इलाकों में पेड़, बिजली के पोल, मकान गिरे, आवागमन बाधित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंधी पानी ने रोक दी शहर की रफ्तार, कई इलाकों में पेड़, बिजली के पोल, मकान गिरे, आवागमन बाधित
विज्ञापन
वाराणसी। रविवार आधी रात अचानक मौसम बदल गया। शहरी और ग्रामीण इलाकों में आंधी और झमाझम बारिश से उमस से राहत तो मिली लेकिन जगह-जगह पेड़ों की डालियां टूट कर गिरने से आवागमन भी बाधित रहा। उधर छतों पर रखे टिन शेड भी उड़ गए। कुछ जगहों पर बिजली के तार भी टूटकर गिर गए। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के मुताबिक हवा की रफ्तार करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे रही।
आधी रात के बाद आई आंधी और बारिश से शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई इलाकों में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो, बिजली-पानी की समस्याओं से जनता को जूझना पड़ा। कई जगहों पर पेड़, दीवारें, छत धराशायी हो गए। पोल टूटने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। देर शाम तक संबंधित विभाग के अधिकारी ने व्यवस्था दुरुस्त कराने में जुटे रहे।
आंधी पानी के चलते ककरमत्ता, साकेत नगर, सुंदरपुर नेवादा, अस्सी, चांदपुर में पेड़ गिरने से रास्ता बाधित होने के साथ बिजली भी प्रभावित हो गई। कोतवाली आदमपुर में एक मकान की छत और दीवार बैठ गई। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। उधर आंधी पानी के चलते सड़क से लेकर गलियों तक में पानी लग गया। सीवर ओवरफ्लो होने से लोगों के घरों में पानी घुस गया। नगर निगम की ओर से जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से निचले इलाकों पानी भर गया। जिनके घरों में बारिश का पानी घुसा था वे पंप लगाकर या बाल्टी से निकालते रहे।
विज्ञापन
बारिश के तेजी का अंदाजा इस बात से ही लगाया ही जा सकता है कि कुछ मिनटों में ही शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। अर्दली बाजार से डिंठरी महाल दूध सट्टी मार्ग पर जल निकासी नहीं होने पर निगम की ओर से पाइप लाइन बदलने के लिए जेसीबी से खुदाई की गई। अधिकांश इलाकों में सड़कें, गलियां धंस गई हैं। कई जगहों पर गिट्टियां उखड़कर बिखर गई हैं। सबसे ज्यादा व्यस्ततम मार्गों की सड़कों की हालत पूरी तरह जर्जर हैं। जेल रोड, चौकाघाट सड़क की गिट्टियां उखड़कर बिखर गई।
आंधी पानी के चलते कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई। बारिश के चलते पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। जिसके चलते प्रभावित इलाकों के लोगों को बिजली के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। आंधी पानी के चलते एहतियातन सभी पारेषण और वितरण उपकेंद्रों के सभी फीडरों को बंद कर दिया गया था। चांदपुर-मुढैला जीटी रोड के किनारे दर्जनों पेड़ गिरे जिससे बिजली के खंभे, बिजली का तार टूट गया। क्षेत्र में रात से ही बिजली गुल है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने मरम्मत कर आपूर्ति चालू कराई। जिन इलाकों में बिजली गुल हुई वहां सुबह पेयजल का संकट हो गया।
विज्ञापन
आधी रात के बाद आई आंधी और बारिश से शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई इलाकों में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो, बिजली-पानी की समस्याओं से जनता को जूझना पड़ा। कई जगहों पर पेड़, दीवारें, छत धराशायी हो गए। पोल टूटने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। देर शाम तक संबंधित विभाग के अधिकारी ने व्यवस्था दुरुस्त कराने में जुटे रहे।
विज्ञापन
आंधी पानी के चलते ककरमत्ता, साकेत नगर, सुंदरपुर नेवादा, अस्सी, चांदपुर में पेड़ गिरने से रास्ता बाधित होने के साथ बिजली भी प्रभावित हो गई। कोतवाली आदमपुर में एक मकान की छत और दीवार बैठ गई। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। उधर आंधी पानी के चलते सड़क से लेकर गलियों तक में पानी लग गया। सीवर ओवरफ्लो होने से लोगों के घरों में पानी घुस गया। नगर निगम की ओर से जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से निचले इलाकों पानी भर गया। जिनके घरों में बारिश का पानी घुसा था वे पंप लगाकर या बाल्टी से निकालते रहे।
विज्ञापन
बारिश के तेजी का अंदाजा इस बात से ही लगाया ही जा सकता है कि कुछ मिनटों में ही शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। अर्दली बाजार से डिंठरी महाल दूध सट्टी मार्ग पर जल निकासी नहीं होने पर निगम की ओर से पाइप लाइन बदलने के लिए जेसीबी से खुदाई की गई। अधिकांश इलाकों में सड़कें, गलियां धंस गई हैं। कई जगहों पर गिट्टियां उखड़कर बिखर गई हैं। सबसे ज्यादा व्यस्ततम मार्गों की सड़कों की हालत पूरी तरह जर्जर हैं। जेल रोड, चौकाघाट सड़क की गिट्टियां उखड़कर बिखर गई।
आंधी पानी के चलते कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई। बारिश के चलते पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। जिसके चलते प्रभावित इलाकों के लोगों को बिजली के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। आंधी पानी के चलते एहतियातन सभी पारेषण और वितरण उपकेंद्रों के सभी फीडरों को बंद कर दिया गया था। चांदपुर-मुढैला जीटी रोड के किनारे दर्जनों पेड़ गिरे जिससे बिजली के खंभे, बिजली का तार टूट गया। क्षेत्र में रात से ही बिजली गुल है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने मरम्मत कर आपूर्ति चालू कराई। जिन इलाकों में बिजली गुल हुई वहां सुबह पेयजल का संकट हो गया।