Varanasi Weather:कश्मीर की हवाओं ने काशी में बढ़ा दी गलन, 8 साल का टूटा रिकॉर्ड; वंदे भारत समेत 12 ट्रेनें लेट
वाराणसी में ठंड का कहर जारी है। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके हैं। वहीं जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग खुद को गर्म कपड़ों में लपेटकर निकल रहे हैं। ठंड और कोहरे का प्रभाव ट्रेनों पर पड़ने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पहाड़ों पर इन दिनों बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं की वजह से यहां ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को हवा में नमी अधिक होने के कारण न्यूनतम पारा भी कम होकर 6.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ऐसा आठ साल में पहली बार हुआ है जब अधिकतम तापमान 14.5 डिगी सेल्सियस रिकॉड किया गया।
मंगलवार को अन्य दिनों की तुलना में ठंड दिन में अधिक थी। धूप होने के बावजूद लोग ठंड से कांपते रहे। शाम होते ही ठंड और बढ़ गई। इधर रात में शहरी और ग्रामीण इलाकों में कोहरा भी छाया रहा।
हवाओं की वजह से तापमान भी पिछले 24 घंटे में तेजी से लुढ़क गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि मंगलवार को 14.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 9.4 से कम होकर 6.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि अभी तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं।
एक नजर में 16 जनवरी का तापमान
साल अधिकतम न्यूनतम
2024 14.5 6.2 डिग्री सेल्सियस
2023 20.0 5.0
2022 18.2 7.0
2021 17.0 10.6
2020 22.2 11.0
2019 15.0 6.5
2018 22.0 8.0
2017 23.3 11.7 डिग्री सेल्सियस
वंदे भारत समेत 12 ट्रेनें लेट, सांसत में यात्री
कोहरे में रेल यात्रियों की सांसत कम नहीं हो रही है। दूर दराज से पहुंचने वाले यात्रियों को ट्रेन की प्रतीक्षा में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को वंदे भारत समेत 12 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से पांच से 14 घंटे की देरी से आई और गईं। इस बीच कैंट स्टेशन पर इंतजार में यात्रियों और उनके परिजनों को ठंड में परेशान होना पड़ा है।
नई दिल्ली-जयनगर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस सर्वाधिक 14 घंटे और जयनगर-नई दिल्ली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 13 घंटे, एलटीटी-जयनगर पवन एक्सप्रेस 11 घंटे की देरी से कैंट स्टेशन पहुंच सकीं। स्टेशन स्थित पूछताछ काउंटर के कर्मियों ने बताया कि महानगरी एक्सप्रेस 6.50 घंटे की देरी से सुबह 10.25 बजे पहुंची। इसे रि-शेड्यूल करके 5.25 घंटे की देरी से शाम 5.45 बजे रवाना किया गया।
यही हाल नई दिल्ली से आने वाली 22436 वंदेभारत एक्सप्रेस का भी रहा। यह ट्रेन 5.10 घंटे की देरी से शाम 7.10 बजे पहुंच सकी। इसे भी रि- शेड्यूल करके लगभग इतनी ही देर से रात 8 बजे के बाद नई दिल्ली रवाना किया गया।
गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस 7.50 घंटे, जम्मूतवी-वाराणसी बेगमपुरा एक्सप्रेस 7.30 घंटे, इंदौर-पटना एक्सप्रेस 7.15 घंटे, सूरत-छपरा क्लोन स्पेशल 6.10 घंटे, जोधपुर-वाराणसी सिटी मरुधर एक्सप्रेस 6 घंटे, जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस 5.30 घंटे, जम्मूतवी-हावड़ा हिमगिरि एक्सप्रेस 4.30 घंटे की देरी से आ सकीं।
विशेषज्ञ बोले
सतह पर हवा न चलने के कारण अभी 2 से 3 दिन तक घने कोहरे बने रहने की संभावना है। दिन का तापमान सामान्य से कम रहने और शीत दिवस रहने की संभावना अगले 2 दिन तक बनी हुई है। न्यूनतम तापमान सामान्य है। मंगलवार को बाबतपुर में इस वर्ष सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। इसके और घटने की संभावना नहीं है। हवा के पूर्व दिशा से चलने के कारण अगले 3 से 4 दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है, जिससे ठंड से राहत मिलेगी। दिन में ठंड अगले दो दिन तक बनी रहेगी ।
-मनीष राय वैज्ञानिक डी व प्रभारी मौसम कार्यालय, बाबतपुर एयरपोर्ट