{"_id":"5a43d90e4f1c1b1f168b58d7","slug":"varanasi-traffic-system-will-upgrade","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"154 करोड़ से अपग्रेड होगी बनारस की ट्रैफिक व्यवस्था, इस कंपनी को दी गई जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
154 करोड़ से अपग्रेड होगी बनारस की ट्रैफिक व्यवस्था, इस कंपनी को दी गई जिम्मेदारी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 28 Dec 2017 02:04 PM IST
विज्ञापन
traffic jam
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में जाम की समस्या से छुटकारा पाने के लिए 154 रुपए खर्च किए जाएंगे। जाम से जूझ रहे ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने व रोड जंक्शन की जिम्मेदारी देश की नामी कंपनी शापूरजी-पालोनजी को दिया गया है।
कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई स्मार्ट सिटी की बैठक में इस नाम को फाइनल कर दिया गया। अब यह कंपनी 15 जनवरी से महज सात महीने में बनारस के चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगवाने और उसका आटोमेटिक संचालन करेगी।
नगर निगम के सामने बने शहीद उद्यान में कंपनी सिटी के ट्रैफिक व्यवस्था को संचालित करने के लिए कंट्रोल रूम बनाएगी। इसके लिए अनुमति दे दी गई है। स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ व नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि क्वालिटी कम कास्ट बेस्ड फार्मूले पर कंपनियों का चयन किया गया है।
विज्ञापन
इसमें टाटा ग्रुप और शापूरजी-पालोनजी ने टेंडर कोटेशन डाला था। रेट कम होने के चलते शापूरजी का चयन किया गया। 154 करोड़ में कंपनी काम को धरातल पर उतारेगी।
विज्ञापन
कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई स्मार्ट सिटी की बैठक में इस नाम को फाइनल कर दिया गया। अब यह कंपनी 15 जनवरी से महज सात महीने में बनारस के चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगवाने और उसका आटोमेटिक संचालन करेगी।
विज्ञापन
नगर निगम के सामने बने शहीद उद्यान में कंपनी सिटी के ट्रैफिक व्यवस्था को संचालित करने के लिए कंट्रोल रूम बनाएगी। इसके लिए अनुमति दे दी गई है। स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ व नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि क्वालिटी कम कास्ट बेस्ड फार्मूले पर कंपनियों का चयन किया गया है।
विज्ञापन
इसमें टाटा ग्रुप और शापूरजी-पालोनजी ने टेंडर कोटेशन डाला था। रेट कम होने के चलते शापूरजी का चयन किया गया। 154 करोड़ में कंपनी काम को धरातल पर उतारेगी।
600 हाइटेक कैमरे लगेंगे
ट्रैफिक रूल
बनारस को स्मार्ट सिटी बनाने में बड़ी समस्या सड़कों पर लगने वाले जाम की है। ऐसे में स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के फर्स्ट फेज में ही इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर, सर्विलांस सिस्टम समेत आधा दर्जन विकास कार्य के लिए सितम्बर महीने मे ग्लोबल टेंडर जारी किया गया था।
स्मार्ट सिटी बोर्ड ने तकनीकी व लागत की कसौटी पर सभी कंपनियों को कसने के बाद शापूरजी-पालोनजी कंपनी के नाम पर मुहर लगाई। नगर आयुक्त डा. नितिन बंसल ने बताया कि प्लान के मुताबिक शहीद उद्यान में बनने वाले कंट्रोल कमांड सेंटर से शहर के ट्रैफिक सिस्टम पर नजर रखी जाएगी।
इसमें डेटा सेंटर व हेल्प डेस्क भी होगा। शहर के चौराहों और प्रमुख मार्गों पर 600 हाइटेक कैमरे लगेंगे जो तेज रफ्तार वाहनों के नंबर प्लेट की फोटो कमांड सेंटर को भेज सकेंगे। कहीं भी सड़क जाम होने पर कमांड सेंटर से ट्रैफिक पुलिस को निर्देश देकर समस्या का निस्तारण कराया जा सकेगा।
स्मार्ट सिटी बोर्ड ने तकनीकी व लागत की कसौटी पर सभी कंपनियों को कसने के बाद शापूरजी-पालोनजी कंपनी के नाम पर मुहर लगाई। नगर आयुक्त डा. नितिन बंसल ने बताया कि प्लान के मुताबिक शहीद उद्यान में बनने वाले कंट्रोल कमांड सेंटर से शहर के ट्रैफिक सिस्टम पर नजर रखी जाएगी।
इसमें डेटा सेंटर व हेल्प डेस्क भी होगा। शहर के चौराहों और प्रमुख मार्गों पर 600 हाइटेक कैमरे लगेंगे जो तेज रफ्तार वाहनों के नंबर प्लेट की फोटो कमांड सेंटर को भेज सकेंगे। कहीं भी सड़क जाम होने पर कमांड सेंटर से ट्रैफिक पुलिस को निर्देश देकर समस्या का निस्तारण कराया जा सकेगा।