{"_id":"5ba8b71b867a557fe5101b45","slug":"varanasi-these-hospital-will-free-of-cost-in-ayushman-bharat-yojana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आयुष्मान भारत योजनाः वाराणसी के इन 16 अस्पतालों में निशुल्क इलाज की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष्मान भारत योजनाः वाराणसी के इन 16 अस्पतालों में निशुल्क इलाज की सुविधा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 24 Sep 2018 03:36 PM IST
विज्ञापन
\
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने रविवार को वाराणसी में विधिवत शुभारंभ किया। वाराणसी जिले में 16 अस्पतालों में निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इनमें सात सरकारी और नौ प्राइवेट अस्पताल शामिल है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को कोई कागजी प्रक्रिया नहीं पूरी करनी है। आयुष्मान मित्र उनकी मदद करेंगे।
वाराणसी के दो लाख एक हजार 174 लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। गरीबों-असहायों को एक वर्ष में 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा सरकारी और अनुबंधित अस्पताल में मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री ने पांच लाभार्थियों को प्रतीक स्वरूप गोल्डन कार्ड भी दिया। इससे पहले जिलाधिकारी ने भी नौ लोगों को गोल्डन कार्ड दिया था।
मंडलायुक्त सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि 1350 प्रकार की बीमारियों के इलाज का पैकेज इस योजना में रखा गया है। योजना के गोल्डन कार्ड धारक जरूरत पड़ने पर देश के किसी भी स्थान पर अनुबंधित चिकित्सालयों में अपना मुफ्त इलाज करा सकेगा। गोल्डन कार्ड खोने की स्थिति या मौके पर नहीं होने पर बायोमैट्रिक मशीन से अंगूठा लगाकर कार्ड का डुप्लीकेट तैयार कर चिकित्सा सुविधा ली जा सकेगी।
विज्ञापन
वाराणसी में 15 प्राइवेट अस्पतालों से अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है और 95 चिकित्सालयों ने अनुबंध की सहमति दी है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी योजना न्यू इंडिया की परिकल्पना का आधार होगा। केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना दो चरणों में लागू हो रही है।
गोल्डन कार्ड के जरिए इलाज के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य उपकेंद्र और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों को वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जा रहा है। इन सेंटर में 12 तरीके के इलाज की सुविधाएं मिलेंगी। इसमें कैंसर, मधुमेह, रक्तचाप, आंख, दांत, मानसिक रोग मरीजों और बुजुर्गो व महिलाओं के लिए विशेष सुविधा होगी।
विज्ञापन
वाराणसी के दो लाख एक हजार 174 लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। गरीबों-असहायों को एक वर्ष में 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा सरकारी और अनुबंधित अस्पताल में मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री ने पांच लाभार्थियों को प्रतीक स्वरूप गोल्डन कार्ड भी दिया। इससे पहले जिलाधिकारी ने भी नौ लोगों को गोल्डन कार्ड दिया था।
विज्ञापन
मंडलायुक्त सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि 1350 प्रकार की बीमारियों के इलाज का पैकेज इस योजना में रखा गया है। योजना के गोल्डन कार्ड धारक जरूरत पड़ने पर देश के किसी भी स्थान पर अनुबंधित चिकित्सालयों में अपना मुफ्त इलाज करा सकेगा। गोल्डन कार्ड खोने की स्थिति या मौके पर नहीं होने पर बायोमैट्रिक मशीन से अंगूठा लगाकर कार्ड का डुप्लीकेट तैयार कर चिकित्सा सुविधा ली जा सकेगी।
विज्ञापन
वाराणसी में 15 प्राइवेट अस्पतालों से अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है और 95 चिकित्सालयों ने अनुबंध की सहमति दी है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी योजना न्यू इंडिया की परिकल्पना का आधार होगा। केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना दो चरणों में लागू हो रही है।
गोल्डन कार्ड के जरिए इलाज के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य उपकेंद्र और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों को वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जा रहा है। इन सेंटर में 12 तरीके के इलाज की सुविधाएं मिलेंगी। इसमें कैंसर, मधुमेह, रक्तचाप, आंख, दांत, मानसिक रोग मरीजों और बुजुर्गो व महिलाओं के लिए विशेष सुविधा होगी।
विधायकों ने जताई गड़बड़ी की आशंका
कार्यक्रम में मौजूद विधायक सुरेंद्र सिंह और सौरभ श्रीवास्तव ने आशंका जताई कि निजी अस्पताल अपना बिल बनाने के लिए मरीजों को भर्ती करते हैं। इस योजना की पारदर्शिता के लिए अधिकारियों को सचेत रहना होगा। ऐसे अस्पतालों को चिन्हित करना होगा। हालांकि केंद्रीय राज्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि कड़े नियमों के चलते इस योजना के दुरुपयोग की संभावना बहुत कम है।
विशिष्ट अतिथि प्रदेश के विधि न्याय, सूचना, खेल और युवा कल्याण राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि योजना के लाभार्थियों के कार्ड और अस्पतालों से अनुबंध का कार्य समय से किया गया। इस अवसर पर विधायक उत्तरी रवीन्द्र जायसवाल, विधायक कैन्ट सौरभ श्रीवास्तव, विधायक रोहनियॉ सुरेन्द्र नारायण सिंह, विधायक सेवापुरी नील रतन पटेल, जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि प्रदेश के विधि न्याय, सूचना, खेल और युवा कल्याण राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि योजना के लाभार्थियों के कार्ड और अस्पतालों से अनुबंध का कार्य समय से किया गया। इस अवसर पर विधायक उत्तरी रवीन्द्र जायसवाल, विधायक कैन्ट सौरभ श्रीवास्तव, विधायक रोहनियॉ सुरेन्द्र नारायण सिंह, विधायक सेवापुरी नील रतन पटेल, जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
आयुष्मान भारत से बीएचयू समेत निजी अस्पताल जुड़ेंगे
बीएचयू अस्पताल
- फोटो : self
प्रधानमंत्री की ओर से शुरू किए गए आयुष्मान भारत से जल्द ही बीएचयू का सर सुंदर लाल अस्पताल, ट्रामा सेंटर,भाभा कैंसर संस्थान समेत शहर के अन्य निजी अस्पताल भी जुड़ जाएंगे। इसे लेकर मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल, महिला अस्पताल, लाल बहादुरशास्त्री अस्पताल रामनगर, सहित सात सरकारी अस्पताल का चयन हो चुका है।
इसके अलावा अब तक 95 निजी अस्पतालों, नर्सिगिं होम की ओर से आनलाइन आवेदन आए हैं। आवेदन में दी गई जानकारियों का सत्यापन कराया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। अस्पतालों में डिस्प्ले बोर्ड लगवाने के साथ ही लोगों को सुविधा के बारे में जानकारी दी जा रही है।
सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि योजना के तहत गंभीर बीमारियों का इलाज भी नि:शुल्क होगा, इसमें सर्जरी से लेकर दवाइयों का खर्च तक शामिल है। खास बात यह है कि जिनके पास यह गोल्डन कार्ड होगा वह देश के किसी भी कोने में अपना इलाज करा सकेंगे।
इसके अलावा अब तक 95 निजी अस्पतालों, नर्सिगिं होम की ओर से आनलाइन आवेदन आए हैं। आवेदन में दी गई जानकारियों का सत्यापन कराया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। अस्पतालों में डिस्प्ले बोर्ड लगवाने के साथ ही लोगों को सुविधा के बारे में जानकारी दी जा रही है।
सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि योजना के तहत गंभीर बीमारियों का इलाज भी नि:शुल्क होगा, इसमें सर्जरी से लेकर दवाइयों का खर्च तक शामिल है। खास बात यह है कि जिनके पास यह गोल्डन कार्ड होगा वह देश के किसी भी कोने में अपना इलाज करा सकेंगे।
नोडल अफसर की शिकायत पर मचा हड़कंप
आयुष्मान भारत के जिले में नोडल अफसर बनाए गए स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ सिगरा स्थित एक अस्पताल के संचालक ने योजना की जांच आदि को लेकर दिल्ली में शिकायत की थी। इसकी खबर जब विभागीय लोगों को मिली तो हड़कंप मच गया। हालांकि जब इसकी जांच शुरू हुई तो पता चला कि शिकायत करने वाले ने ही अपनी शिकायत को गलत बता दिया और मामला फिलहाल शांत हो गया।