{"_id":"5b07cb6f4f1c1b986e8b48c5","slug":"varanasi-ten-government-doctors-charged-for-private-practice","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले 10 डॉक्टरों पर कसा शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले 10 डॉक्टरों पर कसा शिकंजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 25 May 2018 02:08 PM IST
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वाराणसी शहर में प्राइवेट प्रैक्टिस कर निजी नर्सिंग होम संचालित करने वाले 10 सरकारी डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने का निर्देश दिया गया है। यूपी के प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा और वाराणसी जिले के नोडल अधिकारी डॉ. रजनीश दुबे ने गुरुवार को समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग को कड़े तेवर दिखाए।
विकास भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही कबीरचौरा स्थित राजकीय महिला अस्पताल में निर्माणाधीन मैटरिनिटी विंग के कार्यों की धीमी प्रगति पर भी फटकार लगाई।
काम में ढिलाई के लिए पीडब्ल्यूडी के दो अधिशासी अभियंताओं पर भी कार्रवाई के लिए संस्तुति का पत्र शासन को भेजने का निर्देश दिया। महिला अस्पताल का काम खत्म होने की पूर्व निर्धारित अवधि 31 मई है।
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बताया जाता है कि प्राइवेट नर्सिंग होम खोलकर वाराणसी में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर गाजीपुर, जौनपुर और मिर्जापुर में तैनात हैं लेकिन शहर में निजी तौर पर मरीजों को देखते हैं। कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं, जो मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल और रामनगर में तैनात हैं और सुबह-शाम प्रैक्टिस करते हैं।
दो दिवसीय दौरे पर आए डॉ. दुबे ने जिला प्रशासन के 66 में 64 तालाबों-कुंडों को अतिक्रमणमुक्त करने के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने संबंधित तालाबों-कुंडों की मौजूदा स्थिति की पत्रावली तलब की है।
इसके साथ ही प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी से कहा है कि चिह्नित किए गए 20 बड़े भू-माफिया के विरुद्ध वह खुद अपनी निगरानी में अभियान चलवा कर प्रभावी कार्रवाई करें।
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विकास भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही कबीरचौरा स्थित राजकीय महिला अस्पताल में निर्माणाधीन मैटरिनिटी विंग के कार्यों की धीमी प्रगति पर भी फटकार लगाई।
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काम में ढिलाई के लिए पीडब्ल्यूडी के दो अधिशासी अभियंताओं पर भी कार्रवाई के लिए संस्तुति का पत्र शासन को भेजने का निर्देश दिया। महिला अस्पताल का काम खत्म होने की पूर्व निर्धारित अवधि 31 मई है।
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बताया जाता है कि प्राइवेट नर्सिंग होम खोलकर वाराणसी में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर गाजीपुर, जौनपुर और मिर्जापुर में तैनात हैं लेकिन शहर में निजी तौर पर मरीजों को देखते हैं। कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं, जो मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल और रामनगर में तैनात हैं और सुबह-शाम प्रैक्टिस करते हैं।
दो दिवसीय दौरे पर आए डॉ. दुबे ने जिला प्रशासन के 66 में 64 तालाबों-कुंडों को अतिक्रमणमुक्त करने के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने संबंधित तालाबों-कुंडों की मौजूदा स्थिति की पत्रावली तलब की है।
इसके साथ ही प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी से कहा है कि चिह्नित किए गए 20 बड़े भू-माफिया के विरुद्ध वह खुद अपनी निगरानी में अभियान चलवा कर प्रभावी कार्रवाई करें।
निजी प्रैक्टिस वालों को बचा रहा विभाग
विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से बार-बार सरकारी डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस न करने की हिदायत का असर डॉक्टरों पर नहीं पड़ रहा है। जिले के कई सरकारी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं।
मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल के कुछ ऐसे डॉक्टर हैं, जो बनारस और उससे सटे जिलों में निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। इनमें से कुछ विभागीय अधिकारी भी हैं।
सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस करने की शिकायतों के मद्देनजर पिछले साल ही शासन ने चिकित्सकों की सूची मांगी थी। सूत्रों की माने तो पिछले साल से लगातार सूची मांगी जा रही है। इस बीच जो सूची शासन को भेजी गई है, वह कहां और किसको भेजी गई, यह भी पता नहीं चला।
डीएम और सीएमओ इस मसले पर गोलमोल जवाब देते रहे। गुरुवार को प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने सीएमओ को 10 डॉक्टरों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इन पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा जाए।
एंबुलेंस की रेंडम जांच कराई जाएगी
102 एवं 108 एंबुलेंसों के संचालन की रेंडम जांच कराई जाएगी। सभी सीएचसी, पीएचसी एवं अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने की हिदायत दी। औचक निरीक्षण कर इसकी जांच-परख करते रहने के भी निर्देश दिए।
खुले में शौच करने पर लगाएं जुर्माना
ओडीएफ के लिए 30 जून तक बाकी शौचालयों का निर्माण पूरा कराने की ताकीद डीपीआरओ को की। कहा, गंगा घाटों पर स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। खुले में शौच से रोकने के लिए निगरानी टीम का गठन करने के साथ ही कहा कि खुले में शौच जाने वालों पर जुर्माना लगाएं।
अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द करें
समीक्षा बैठक से पहले सर्किट हाउस में प्रमुख सचिव ने कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। सांडों के हमले के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नगर निगम को जरूरी कार्रवाई का निर्देश दिया। पुलिस को हिदायत दी कि जघन्य मामलों के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित कराएं। जिला बदर पर प्रभावी कार्रवाई हो। पैदल गश्त पर पुलिस ध्यान दे।
मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल के कुछ ऐसे डॉक्टर हैं, जो बनारस और उससे सटे जिलों में निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। इनमें से कुछ विभागीय अधिकारी भी हैं।
सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस करने की शिकायतों के मद्देनजर पिछले साल ही शासन ने चिकित्सकों की सूची मांगी थी। सूत्रों की माने तो पिछले साल से लगातार सूची मांगी जा रही है। इस बीच जो सूची शासन को भेजी गई है, वह कहां और किसको भेजी गई, यह भी पता नहीं चला।
डीएम और सीएमओ इस मसले पर गोलमोल जवाब देते रहे। गुरुवार को प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने सीएमओ को 10 डॉक्टरों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इन पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा जाए।
एंबुलेंस की रेंडम जांच कराई जाएगी
102 एवं 108 एंबुलेंसों के संचालन की रेंडम जांच कराई जाएगी। सभी सीएचसी, पीएचसी एवं अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने की हिदायत दी। औचक निरीक्षण कर इसकी जांच-परख करते रहने के भी निर्देश दिए।
खुले में शौच करने पर लगाएं जुर्माना
ओडीएफ के लिए 30 जून तक बाकी शौचालयों का निर्माण पूरा कराने की ताकीद डीपीआरओ को की। कहा, गंगा घाटों पर स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। खुले में शौच से रोकने के लिए निगरानी टीम का गठन करने के साथ ही कहा कि खुले में शौच जाने वालों पर जुर्माना लगाएं।
अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द करें
समीक्षा बैठक से पहले सर्किट हाउस में प्रमुख सचिव ने कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। सांडों के हमले के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नगर निगम को जरूरी कार्रवाई का निर्देश दिया। पुलिस को हिदायत दी कि जघन्य मामलों के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित कराएं। जिला बदर पर प्रभावी कार्रवाई हो। पैदल गश्त पर पुलिस ध्यान दे।
...और इस बात पर बिफरे प्रमुख सचिव
समीक्षा बैठक में डॉ. रजनीश दुबे
- फोटो : अमर उजाला
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा और जिले के नोडल अधिकारी डॉ. रजनीश दुबे ने समीक्षा बैठक में गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने माना कि पेयजल की समस्या के समाधान में आंकड़ेबाजी की गई है। अपने सामने रखे गए आंकड़ों पर संदेह जताते हुए उन्होंने अब तक कराए गए 2300 हैंडपंपों के रिबोर के कार्य का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
इसी तरह सिंचाई में आ रही समस्या का संज्ञान लेते हुए एकल ग्रामीण परियोजना के नौ नलकूपों का कार्य पूर्ण होने के बावजूद क्रियाशील न होने पर जिम्मेदारों को फटकार लगाई। अधिशासी अभियंता जलनिगम को तीन दिन में भौतिक सत्यापन करने और 15 जून तक इन्हें चालू कराने की हिदायत दी।
जिले की 28 ग्राम सभाओं के कुपोषण मुक्त होने की जानकारी पर अन्य सभी ग्रामसभाओं को कुपोषण मुक्त करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने को कहा। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना में एक लाख लक्ष्य के सापेक्ष 12 हजार विद्युत कनेक्शन देने पर बिफरे प्रमुख सचिव ने अभियान चलाकर लक्ष्य हासिल करने की ताकीद की। स्टांप, आबकारी एवं परिवहन विभाग की वसूली लक्ष्य से कम होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। बैठक में डीएम योगेश्वर राम मिश्र, सीडीओ गौरांग राठी सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक से पहले प्रमुख सचिव ने हृदय योजना के तहत 133.00 लाख की लागत से कराए गए भारत माता मंदिर और पितरकुंडा के सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर में बनी पेंटिंग को दुरुस्त कराने और बेहतर रखरखाव के लिए कहा।
रजिस्ट्री में स्टांप की जांच के निर्देश
नगर निगम सीमा के बाहर एवं वाराणसी विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में हो रही जमीनों की रजिस्ट्री में स्टांप की जांच का निर्देश दिया। साथ ही पिंडरा ब्लाक की ग्राम सभा-रामपुर में 300 एकड़ एवं टिकरी में लगभग 800 एकड़ सरकारी भूमि पर चिह्नित अवैध कब्जों को तत्काल बेदखल कराने की हिदायत दी।
परियोजनाओं की कराएं स्थलीय जांच
50 लाख से अधिक धनराशि वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए डीएम को टीम बनाकर स्थलीय जांच कराने का निर्देश दिया। निर्माण कार्यों में समयबद्धता एवं गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित कराने की ताकीद कार्यदायी संस्थाओं को की।
इसी तरह सिंचाई में आ रही समस्या का संज्ञान लेते हुए एकल ग्रामीण परियोजना के नौ नलकूपों का कार्य पूर्ण होने के बावजूद क्रियाशील न होने पर जिम्मेदारों को फटकार लगाई। अधिशासी अभियंता जलनिगम को तीन दिन में भौतिक सत्यापन करने और 15 जून तक इन्हें चालू कराने की हिदायत दी।
जिले की 28 ग्राम सभाओं के कुपोषण मुक्त होने की जानकारी पर अन्य सभी ग्रामसभाओं को कुपोषण मुक्त करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने को कहा। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना में एक लाख लक्ष्य के सापेक्ष 12 हजार विद्युत कनेक्शन देने पर बिफरे प्रमुख सचिव ने अभियान चलाकर लक्ष्य हासिल करने की ताकीद की। स्टांप, आबकारी एवं परिवहन विभाग की वसूली लक्ष्य से कम होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। बैठक में डीएम योगेश्वर राम मिश्र, सीडीओ गौरांग राठी सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक से पहले प्रमुख सचिव ने हृदय योजना के तहत 133.00 लाख की लागत से कराए गए भारत माता मंदिर और पितरकुंडा के सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर में बनी पेंटिंग को दुरुस्त कराने और बेहतर रखरखाव के लिए कहा।
रजिस्ट्री में स्टांप की जांच के निर्देश
नगर निगम सीमा के बाहर एवं वाराणसी विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में हो रही जमीनों की रजिस्ट्री में स्टांप की जांच का निर्देश दिया। साथ ही पिंडरा ब्लाक की ग्राम सभा-रामपुर में 300 एकड़ एवं टिकरी में लगभग 800 एकड़ सरकारी भूमि पर चिह्नित अवैध कब्जों को तत्काल बेदखल कराने की हिदायत दी।
परियोजनाओं की कराएं स्थलीय जांच
50 लाख से अधिक धनराशि वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए डीएम को टीम बनाकर स्थलीय जांच कराने का निर्देश दिया। निर्माण कार्यों में समयबद्धता एवं गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित कराने की ताकीद कार्यदायी संस्थाओं को की।