सोनभद्र का 0.8 डिग्री, बनारस का 2.3 डिग्री तापमान पहुंचा, पूर्वांचल में 20 की जान गई
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वाराणसी में तीन डिग्री गिरावट के साथ अधिकतम तापमान भी 9.0 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार की तुलना में अधिकतम में तीन, जबकि न्यूतनम तापमान में 4.5 डिग्री सेल्सियस कमी आई। दिन में धूप भी नहीं निकली। उत्तर-पश्चिम से आने वाली 97 आर्द्रता वाली पछुआ हवाएं चलने से दिनभर लोग घर में भी ठिठुरते रहे। सुबह सारनाथ, पड़ाव इलाके में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। ठंड से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। सड़कों पर सन्नाटे जैसे हालात रहे। लोग इधर-उधर आग जलाकर उसके पास ही बैठे रहे।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि सोमवार को 2.3 डिग्री तापमान रहा जो दिसंबर 1962 में दर्ज किया गया था। इसके बाद 2014 में 3.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मकर संक्रांति से पहले ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मंगलवार को वार्म फ्रंट की वजह से बादल छाए रहने और नए साल के पहले-दूसरे दिन बुधवार-बृहस्पतिवार को वाराणसी समेत आसपास के जिलों में बूंदाबांदी की संभावना है।
सोनभद्र जिले में सोमवार को अधिकतम 15 और न्यूनतम तापमान 0.8 पहुंच गया। ठंड से किसी की मौत की खबर नहीं है। जिले में 2002 में - 0.7 तापमान रिकार्ड किया गया था।
मौसम की खराबी से दोपहर तक एयरपोर्ट पर बाबतपुर एयरपोर्ट पर कोई विमान नहीं उतर पाया और सात विमानों को निरस्त करना पड़ा। 11 विमान एक से पांच घंटे की देरी से आए।
पूर्वांचाल में रविवार रात से सोमवार तक ठंड से वाराणसी में छह, चंदौली और भदोही में चार-चार, बलिया में दो तथा मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। मिर्जापुर, गाजीपुर, मऊ का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस और भदोही, चंदौली, बलिया, जौनपुर का चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।