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बनारस में सपा-कांग्रेस गठबंधन और भाजपा में बगावत के सुर तेज

Sun, 12 Feb 2017 02:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 12 Feb 2017 02:20 PM IST
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Varanasi SP-Congress alliance and BJP rebellion sharp tone
An interesting story of samajwadi party symbol bicycle

भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा के साथ पैदा हुए असंतोष की चिंगारी अब सपा-कांग्रेस गठबंधन में भी फैल गई है। भाजपा में असंतोष को खत्म करने में कई बड़े नेता जुटे हुए हैं। बावजूद इसके विरोधी अब तक अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

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उधर, अंतिम दौर में घोषित सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशियों के विरोध को थामने के लिए दोनों पार्टियां केवल चिंतित हैं। दोनों पार्टियों के नेताओं ने अब तक कोई ऐसी पहल नहीं कर सके हैं, जिससे बागियों पर काबू पाया जा सके।

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सपा-कांग्रेस गठबंधन की मंशा को परवान चढ़ाने में दोनों दलों के कुछ नेता ब्रेक लगा रहे हैं। नेताओं के बागी तेवर से निपटने के लिए शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर इन्हें मनाने की जिम्मेदरी बड़े नेताओं को सौंपी गई है।

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कांग्रेस नेत्री एवं उत्तरी से पूर्व विधायक राबिया कलाम इस बार भी उत्तरी से दावेदार थीं लेकिन कांग्रेस ने सपा से टिकट के दावेदार समद अंसारी को टिकट दे दिया। राबिया कलाम इसका विरोध कर रही हैं।  

उनके समर्थक कई बार विरोध प्रदर्शन और पार्टी कार्यालय में हंगामा करने के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भी लिख चुके हैं।
 

चुनाव की तैयारी कर रहे टिकट न मिलने से नाराज कई नेता

Varanasi SP-Congress alliance and BJP rebellion sharp tone
congress logo

कांग्रेस नेता राम प्रकाश ओझा और कांग्रेस कैडर से जुड़े भुवनेश्वर द्विवेदी कैंट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वह सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।

सपा नेत्री रीबू श्रीवास्तव के समर्थक भी कैंट प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव का विरोध कर रहे हैं। सपा ने इस सीट से पूर्व में रीबू को टिकट दिया था। गठबंधन के बाद उनका टिकट काट दिया गया।

दूसरी ओर रोहनिया सीट से सपा के बागी नेता नागा यादव की पत्नी पार्वती सपा के घोषित प्रत्याशी महेंद्र पटेल के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए नामांकन कर चुकी हैं।

कांग्रेस के बुजुर्ग नेता विजय शंकर पांडेय भी शिवपुर सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र ले चुके हैं। यहां से आनंद मोहन यादव गुड्डू सपा-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार हैं।

कैंट क्षेत्र के नाराज भाजपा पार्षद आज करेंगे घोषणा

Varanasi SP-Congress alliance and BJP rebellion sharp tone
वाराणसी - फोटो : SELF

करीब एक पखबारा पहले प्रत्याशियों की घोषणा के बाद भाजपा में शुरू असंतोष का सिलसिला अब तक जारी है। रोज कोई न कोई नई घोषणा हो रही है। भाजपा की सदस्यता छोड़ने के बाद डॉ. अशोक कुमार सिंह ने घोषणा की कि वह शहर उत्तरी सीट से निर्दल चुनाव लड़ेंगे।


इस सीट से भाजपा ने मौजूदा विधायक रविंद्र जायसवाल को टिकट दिया है। शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. सिंह ने भाजपा के बड़े नेताओं के करीबियों पर टिकट के बदले पैसा मांगने का आरोप लगाया। कहा, शुभचिंतकों से विचार-विमर्श करने के बाद ही चुनाव लड़ने का मन बनाया है। वह 13 फरवरी को नामांकन करेंगे।

इस बीच कैंट से घोषित प्रत्याशी को बदलने के लिए असंतुष्ट पार्षदों ने शनिवार को लंका क्षेत्र में बैठक की। ये सभी रविवार को संघ के बड़े पदाधिकारियों से मुलाकात के बाद आगामी घोषणा करेंगे। बैठक की अध्यक्षता अशोक मिश्र ने की। बैठक में विनीत सिंह, मीनू दास, राजेश जायसवाल, अजय गुप्ता सहित आठ पार्षद शामिल रहे।


उधर, अजगरा सीट पर भाजपा कार्यकर्ता जिले के सपा नेताओं के नजदीकी रिश्तेदार कैलाश सोनकर को भासपा द्वारा प्रत्याशी बनाने के विरोध में प्रचार करने से इन्कार कर चुके हैं। कुछ कार्यकर्ता बेमन से काम कर रहे हैं।
 

प्रत्याशी नहीं, पीएम मोदी के नाम पर मांगेगे वोट

Varanasi SP-Congress alliance and BJP rebellion sharp tone
pm modi rally

यही नहीं, भाजपा से टिकट के दावेदार दिलीप सोनकर ने क्षेत्र से निर्दल चुनाव लड़ने के लिए प्रचार भी शुरू कर दिया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय भाजपा-भासपा कार्यकर्ताओं को एकजुट नहीं कर सके हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में भाजपा ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी के बजाय प्रधानमंत्री के नाम का प्रचार करने को कहा है। कार्यकर्ताओं को आमजन को पीएम की योजनाओं और नीतियों के बारे में बताने का काम सौंपा गया है। यह रणनीति घोषित प्रत्याशियों के नाम पर उभरे अंतर्विरोध के मद्देनजर डैमेज कंट्रोल के लिए बनाई गई है।


इसके साथ ही चुनाव प्रबंधन को मजबूती देने के लिए भाजपा ने करीब आठ हजार बाहरी कार्यकर्ताओं को भी लगाया है। इन्हें विधानसभावार जिम्मेदारियां दी गई हैं। हर विधानसभा में एक हजार बाहरी कार्यकर्ता प्रचार अभियान में जुटेंगे।


शनिवार को पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के चुनाव चिह्न कमल पर अपना दल (एस) से टिकट के दावेदार सुनील पटेल के लड़ने की चर्चा रही। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अद (एस) के प्रत्याशी को लड़ाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी दबाव बना रहे हैं। उन्हें सवर्ण वोट हासिल करने के लिए कमल निशान पर चुनाव लड़ाने की तैयारी चल रही है।

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