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सावन के तीसरे सोमवारी पर न मेघ थमे न भक्त, बाबा की नगरी बम-बम
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:42 AM IST
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झूमकर निकले बाबा विश्वनाथ के भक्तों पर मेघों ने झमाझम बरसाया नेह
- फोटो : अमर उजाला
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सावन के तीसरे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। एक ओर सावन झूमकर बरसा तो दूसरी ओर अपार आस्था। नंगे पांव कांवरिये डीजे पर डांस करते रहे तो आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। बाबा की झलक पाने के लिए हर तरफ कांवरियों का कारवां नजर आया।
बोल बम का जयकारा लगाते सड़कों पर उमड़े कांवरियों से काशी केसरिया रंग में रंग गई। हर तरफ बोल बम और हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे। एडीजी बी महापात्रा, इलाहाबाद के आईजी एसएन सांवत समेत कई आला अधिकारियों ने भी हाजिरी लगाई। देर शाम तक 1.70 लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।
रंग-बिरंगी झालरों, ट्यूबलाइटों से सजी ट्रालियों पर भगवान शिव की झांकियां लेकर श्रद्धालु रविवार की शाम से ही काशी पहुंचने लगे। उत्साह से भरे कांवरिए सड़कों से शिविरों तक भक्ति के रंग में रंगेे रहे। रात नौ बजे ही छत्ताद्वार से लंबी कतार लग गई।
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मंगला आरती से पहले कांवरियों की लाइन गोदौलिया तक पहुंच गई। दोपहर के वक्त मूसलाधार बारिश के दौरान भी श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। सिर पर प्लास्टिक के बैग रखकर कोई आगे बढ़ रहा था तो कोई छतरियां।
झमाझम बारिश के दौरान गोदौलिया, दशाश्वमेध की सड़कों पर घुटने से ऊपर पानी लग गया तो कई जगह शिव भक्त बैरिकेडिंग की बल्लियों पर खड़े हो गए। दिन के 10:30 बजे तक 80 हजार भक्तों ने बाबा विशवनाथ का जलाभिषेक किया।
भक्तों की लाइन एक तरफ बुलानाला से और दूसरी ओर दशाश्वमेध से गिरजाघर होते हुए लगी थी। मंदिर जाने वाले रास्तों पर सिर्फ भक्तों की भीड़ थी और जगह-जगह शिविरों में चाय-नाश्ता और फलाहार लेकर आवभगत में लगे सेवादार।
दशाश्वमेध घाट से लेकर चितरंजन पार्क स्थित शिव शक्ति कांवरिया तीर्थयात्री सेवा शिविर तक सेवा भक्ति का यह रंग छाया नजर आया।
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बोल बम का जयकारा लगाते सड़कों पर उमड़े कांवरियों से काशी केसरिया रंग में रंग गई। हर तरफ बोल बम और हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे। एडीजी बी महापात्रा, इलाहाबाद के आईजी एसएन सांवत समेत कई आला अधिकारियों ने भी हाजिरी लगाई। देर शाम तक 1.70 लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।
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रंग-बिरंगी झालरों, ट्यूबलाइटों से सजी ट्रालियों पर भगवान शिव की झांकियां लेकर श्रद्धालु रविवार की शाम से ही काशी पहुंचने लगे। उत्साह से भरे कांवरिए सड़कों से शिविरों तक भक्ति के रंग में रंगेे रहे। रात नौ बजे ही छत्ताद्वार से लंबी कतार लग गई।
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मंगला आरती से पहले कांवरियों की लाइन गोदौलिया तक पहुंच गई। दोपहर के वक्त मूसलाधार बारिश के दौरान भी श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। सिर पर प्लास्टिक के बैग रखकर कोई आगे बढ़ रहा था तो कोई छतरियां।
झमाझम बारिश के दौरान गोदौलिया, दशाश्वमेध की सड़कों पर घुटने से ऊपर पानी लग गया तो कई जगह शिव भक्त बैरिकेडिंग की बल्लियों पर खड़े हो गए। दिन के 10:30 बजे तक 80 हजार भक्तों ने बाबा विशवनाथ का जलाभिषेक किया।
भक्तों की लाइन एक तरफ बुलानाला से और दूसरी ओर दशाश्वमेध से गिरजाघर होते हुए लगी थी। मंदिर जाने वाले रास्तों पर सिर्फ भक्तों की भीड़ थी और जगह-जगह शिविरों में चाय-नाश्ता और फलाहार लेकर आवभगत में लगे सेवादार।
दशाश्वमेध घाट से लेकर चितरंजन पार्क स्थित शिव शक्ति कांवरिया तीर्थयात्री सेवा शिविर तक सेवा भक्ति का यह रंग छाया नजर आया।
ड्रोन कैमरे से निगहबानी, मुस्तैद रही फोर्स
हाईवे से गंगा तट तक सुरक्षा के कड़े प्रबंध
- फोटो : अमर उजाला
सावन के तीसरे सोमवार पर हाईवे से गंगा तट तक सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में कड़ी निगरानी रही। एनएच दो पर मोहनसराय में और शहर में दो ड्रोन कैमरे भी निगहबानी में लगाए गए थे।
मजिस्ट्रेटों की अगुवाई में फोर्स भी मुस्तैद रही। हालांकि कांवरियों और आम श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच चेन स्नेचरों और पॉकेटमारों ने जमकर चांदी काटी। श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद किसी एक को भी दबोचा नहीं जा सका।
सारनाथ स्थित सारंगनाथ महादेव मंदिर में मिर्जापुर से अमन पांडेय की पत्नी रीता पांडेय के गले से सोने की चेन उचक्कों ने उड़ा दी। फिर ताबड़तोड़ तीन अन्य महिलाओं की सोने की चेन और मंगलसूत्र पर हाथ साफ कर गए। दशाश्वमेध क्षेत्र में भी दो श्रद्धालुओं की पॉकेट कट गई।
मजिस्ट्रेटों की अगुवाई में फोर्स भी मुस्तैद रही। हालांकि कांवरियों और आम श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच चेन स्नेचरों और पॉकेटमारों ने जमकर चांदी काटी। श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद किसी एक को भी दबोचा नहीं जा सका।
सारनाथ स्थित सारंगनाथ महादेव मंदिर में मिर्जापुर से अमन पांडेय की पत्नी रीता पांडेय के गले से सोने की चेन उचक्कों ने उड़ा दी। फिर ताबड़तोड़ तीन अन्य महिलाओं की सोने की चेन और मंगलसूत्र पर हाथ साफ कर गए। दशाश्वमेध क्षेत्र में भी दो श्रद्धालुओं की पॉकेट कट गई।
मार्कंडेय महादेव में एक लाख से अधिक भक्तों ने किया जलाभिषेक
झमाझम बारिश के बीच भक्तों की आस्था देखते बनी
- फोटो : अमर उजाला
कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार पर एक लाख से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक किया। झमाझम बारिश के बीच भक्तों की आस्था देखते बनी। झमाझम बारिश होती रही और शिवभक्तों की टोलियां झूमकर हर-हर महादेव का जयकारा लगाती रहीं।
रविवार की रात से ही यहां भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो गई। मंगला आरती के बाद पट भक्तों के लिए खोला गया। भोर होने के बाद भीड़ बढ़ने लगी। सुबह 6 से 11 बजे तक कांवरियों और अन्य शिवभक्तों से बैरिकेडिंग में खड़े होने तक की जगह नहीं बची।
रविवार की रात से ही यहां भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो गई। मंगला आरती के बाद पट भक्तों के लिए खोला गया। भोर होने के बाद भीड़ बढ़ने लगी। सुबह 6 से 11 बजे तक कांवरियों और अन्य शिवभक्तों से बैरिकेडिंग में खड़े होने तक की जगह नहीं बची।
मंगला आरती में केवल टिकट वालों को प्रवेश
घुटने तक पानी में चलकर श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, गूंजे जयकारे
- फोटो : अमर उजाला
कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने सावन के तीसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गोदौलिया चौराहे पर सुरक्षाकर्मियों को एलर्ट करते हुए मंदिर पहुंचे दोनों अफसरों ने लाइन में लगे श्रद्धालुओं से भी बात की। मंदिर के प्रवेश द्वार तक गए।
सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। प्रशासन की सख्ती की वजह से इस सोमवार भी केवल टिकट वालों को ही मंगला आरती में प्रवेश दिया गया। यहां पहुंचने वालों की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
एडीएम सिटी जितेंद्र मोहन सिंह अन्य मजिस्ट्रेटों के साथ निगरानी में लगे रहे। एसएसपी आरके भारद्वाज ने मातहतों के साथ मैदागिन चौराहा से गोदौलिया तक पैदल मार्च कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। फिर कैंट से मिर्जामुराद तक के कांवरिया रूट का भी निरीक्षण किया।
सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। प्रशासन की सख्ती की वजह से इस सोमवार भी केवल टिकट वालों को ही मंगला आरती में प्रवेश दिया गया। यहां पहुंचने वालों की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
एडीएम सिटी जितेंद्र मोहन सिंह अन्य मजिस्ट्रेटों के साथ निगरानी में लगे रहे। एसएसपी आरके भारद्वाज ने मातहतों के साथ मैदागिन चौराहा से गोदौलिया तक पैदल मार्च कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। फिर कैंट से मिर्जामुराद तक के कांवरिया रूट का भी निरीक्षण किया।