फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi Ropeway Foreign engineers from Austria arrive to inspect pulling mechanism technical checks

Ropeway Varanasi: ऑस्ट्रिया से आएंगे विदेशी इंजीनियर, रोपवे की पुलिंग का करेंगे निरीक्षण; तकनीकी जांच भी

Sun, 01 Feb 2026 11:16 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 01 Feb 2026 11:16 AM IST
सार

Varanasi News: रोपवे को लेकर बनारसी में चर्चाएं शुरू हो गई है। पर्यटक भी इसके शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। विदेश इंजीनियर इसी सप्ताह रोपवे की तकनीकी जांच करने आएंगे।

विज्ञापन
Varanasi Ropeway Foreign engineers from Austria arrive to inspect pulling mechanism technical checks
वाराणसी में निर्माणाधीन रोपवे का गंडोला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Ropeway in Varanasi: देश के पहले अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे पर पर्यटक जल्दी ही यात्रा कर सकेंगे। रोपवे के संचालन के लिए टावर के इंस्टॉलेशन के बाद, प्रथम चरण के दूसरे सेक्शन के रोप पुलिंग का कार्य जल्द शुरू होगा। रोप पुलिंग का कार्य शुरू करने से पहले निरीक्षण करने के लिए ऑस्ट्रिया से विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम इसी सप्ताह वाराणसी पहुंच रही है।

विज्ञापन


रोपवे का निर्माण स्विट्जरलैंड की कंपनी बर्थोलेट कर रही है। इस कंपनी के स्विस इंजीनियर वाराणसी में रह कर उपकरणों को इंस्टॉल कर रहे हैं। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के मुताबिक रोपवे के प्रथम चरण के दूसरे सेक्शन, रथयात्रा से गोदौलिया तक का निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। 
विज्ञापन


रोपवे निर्माण के लिए रोप पुलिंग का कार्य शुरू करने के पहले ऑस्ट्रेलिया की रोप एक्सपर्ट्स कंपनी के इंजीनियर्स निरीक्षण करने वाराणसी इसी सप्ताह आ रहे हैं। वे रोपवे स्टेशन, टावर एलाइनमेंट आदि समेत सभी पहलुओं की तकनीकी जांच करेंगे। कैंट रेलवे स्टेशन, विद्यापीठ और रथयात्रा रोपवे स्टेशनों में रोपवे के संचालन के लिए लगभग सभी उपकरणों को इंस्टॉल किया जा चुका है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पतंग उड़ाने पर होगी कार्रवाई

वाराणसी में कैंट से गोदौलिया के बीच चार किमी रोपवे कॉरिडोर को नो काइट फ्लाइंग जोन बनाया जाएगा। इसके लिए खाका तैयार किया जा रहा है। रोपवे का संचालन शुरू होने के बाद पतंग उड़ाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में पतंग उड़ाने वालों को नोटिस देकर पुलिस उन पर प्रतिबंध लगाएगी। इस पर अंकुश लगाने के लिए ड्रोन की भी मदद ली जाएगी।

रोपवे के तारों पर अक्सर पतंगें फंसी दिखाई देती हैं, जिन्हें हटाने में रोपवे के सुरक्षा इंजीनियरों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। दरअसल, इस दायरे में पतंग उड़ने से रोपवे संचालन के समय दिक्कतें आएंगी। इसके लिए रोपवे ने आठ-आठ मीटर का कॉरिडोर बनाया है। कॉरिडोर के दायरे में पतंग नहीं उड़ाई जाएगी। 

पतंग के साथ इस्तेमाल होने वाला मजबूत मांझा भी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर सकता है। पतंग फंसने पर उड़ाने वाले उसे छुड़ाने के चक्कर में डोर को तेजी से खींचते हैं, जिससे तारों में कंपन की स्थिति पैदा हो सकती है।

इन सभी पहलुओं को देखते हुए नो काइट फ्लाइंग जोन बनाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों की ओर से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से अनुमति ली जाएगी। इस काम में वीडीए को लगाया गया है। जिस प्रकार बाबतपुर एयरपोर्ट के आसपास निगरानी की जाती है, उसी प्रकार रोपवे कॉरिडोर के चार किमी दायरे की निगरानी की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed