{"_id":"5b28d82b4f1c1b64068b6faf","slug":"varanasi-roads-will-danger-for-people-in-rainy-season","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बारिश में खतरा बनेंगी खोखली सड़कें, स्थिति इतनी खराब है कि कभी भी धंस जाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश में खतरा बनेंगी खोखली सड़कें, स्थिति इतनी खराब है कि कभी भी धंस जाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 19 Jun 2018 03:47 PM IST
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खस्ताहाल सड़क
- फोटो : अमर उजाला
इस बारिश में भी बनारस शहर की करीब आधा दर्जन प्रमुख सड़कें धंसेगी। ऐसे में खोखली सड़कों पर चलना खतरनाक होगा। इसके साथ ही सड़कों पर होने वाले जलभराव से दिक्कत होगी।
इसकी वजह अंडर ग्राउंड पाइप बिछाने बाद सड़कों का सही से मरम्मत का कार्य न कराया जाना है। अगर जिम्मेदार नहीं चेते तो बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले दो माह में शहर में तीन जगहों पर सड़कें धंसी हैं।
इसमें अंबेडकर पार्क से सर्किट हाउस जाने वाली सड़क, रथयात्रा-कमच्छा मार्ग और रथयात्रा चौराहा शामिल है। इन सभी सड़कों में गंगा प्रदूषण विभाग या जलकल की ओर से सीवर और पाइप लाइन बिछाने का काम किया गया है।
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से सभी सड़कें इतनी खतरनाक स्थित में धंसी थीं कि छोटी कारें तो आसानी से उसमें चली जाती, लेकिन जिम्मेदार सड़क की मरम्मत के नाम पर गड्ढों को पाट रहे हैं। जबकि शहर की करीब आधा दर्जन ऐसी सड़के हैं, जिनकी स्थिति इतनी खराब है कि कभी भी वे धंस जाएंगी।
शहर की प्रमुख सड़कों में से मंडुवाडीह महमूरगंज मार्ग, महमूरगंज रथयात्रा और सिगरा चौराहा मार्ग के अलावा रथयात्रा कमच्छा, भवनियां पोखरी से चेतमणि चौराहा, लाट सरैयां से पुराना पुल सहित कई ऐसी सडकें हैं जिनका मरम्मत का कार्य सही से नहीं कराया गया है।
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इसकी वजह अंडर ग्राउंड पाइप बिछाने बाद सड़कों का सही से मरम्मत का कार्य न कराया जाना है। अगर जिम्मेदार नहीं चेते तो बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले दो माह में शहर में तीन जगहों पर सड़कें धंसी हैं।
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इसमें अंबेडकर पार्क से सर्किट हाउस जाने वाली सड़क, रथयात्रा-कमच्छा मार्ग और रथयात्रा चौराहा शामिल है। इन सभी सड़कों में गंगा प्रदूषण विभाग या जलकल की ओर से सीवर और पाइप लाइन बिछाने का काम किया गया है।
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से सभी सड़कें इतनी खतरनाक स्थित में धंसी थीं कि छोटी कारें तो आसानी से उसमें चली जाती, लेकिन जिम्मेदार सड़क की मरम्मत के नाम पर गड्ढों को पाट रहे हैं। जबकि शहर की करीब आधा दर्जन ऐसी सड़के हैं, जिनकी स्थिति इतनी खराब है कि कभी भी वे धंस जाएंगी।
शहर की प्रमुख सड़कों में से मंडुवाडीह महमूरगंज मार्ग, महमूरगंज रथयात्रा और सिगरा चौराहा मार्ग के अलावा रथयात्रा कमच्छा, भवनियां पोखरी से चेतमणि चौराहा, लाट सरैयां से पुराना पुल सहित कई ऐसी सडकें हैं जिनका मरम्मत का कार्य सही से नहीं कराया गया है।
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सड़कों के धंसने की वजह
क्षतिग्रस्त हुई सड़क
- फोटो : अमर उजाला
शहर में इस समय गंगा प्रदूषण की ओर से गहरे सीवर का कार्य किया जा रहा है, वहीं जल निगम की ओर से इस समय पानी के कनेक्शन देने के नाम पर जगह-जगह सड़कों को खोद कर उसे पाट दिया गया। जबकि जमीन को जरूरत के हिसाब से रोलिंग नहीं किया गया है।
वहीं चौकाघाट से लहरतारा के लिए बन रहे फ्लाईओवरब्रिज के बीम गिरने से बड़े और ओवर लोड वाहनों को शहर से होकर भेजा जा रहा है। ऐसे में इन सड़कों की इतनी लोड सहने की क्षमता नहीं है। ऐसे में ये लगातार धंस रही हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता वीके श्रीवास्तव का कहना है कि सड़क के अंदर पाइप लाइन और सीवर लाइन के लीकेज के चलते मिट्टी बह जा रही है। इससे सड़के धंस रही हैं। वहीं रोड कटिंग के बाद बारिश में कुछ सड़कें धंसती है। इसलिए समस्या आ रही है।
वहीं चौकाघाट से लहरतारा के लिए बन रहे फ्लाईओवरब्रिज के बीम गिरने से बड़े और ओवर लोड वाहनों को शहर से होकर भेजा जा रहा है। ऐसे में इन सड़कों की इतनी लोड सहने की क्षमता नहीं है। ऐसे में ये लगातार धंस रही हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता वीके श्रीवास्तव का कहना है कि सड़क के अंदर पाइप लाइन और सीवर लाइन के लीकेज के चलते मिट्टी बह जा रही है। इससे सड़के धंस रही हैं। वहीं रोड कटिंग के बाद बारिश में कुछ सड़कें धंसती है। इसलिए समस्या आ रही है।
आंकड़ों पर एक नजर
- 1500 किमी है सड़कें
- 3 विभागों के पास हैं शहर की सड़कें
- 12 प्रमुख सड़कें हैं लोक निर्माण विभाग के पास
- 15 सड़कों का होना था निर्माण
- 76 करोड़ रुपये हुए थे स्वीकृत
- 5 करोड़ से सुधरनी हैं शहर की गलियां
- 3 विभागों के पास हैं शहर की सड़कें
- 12 प्रमुख सड़कें हैं लोक निर्माण विभाग के पास
- 15 सड़कों का होना था निर्माण
- 76 करोड़ रुपये हुए थे स्वीकृत
- 5 करोड़ से सुधरनी हैं शहर की गलियां