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गिरजाघर-गोदौलिया के बीच दोबारा धंसी सड़क, गड्ढे को पाटने के दौरान हुई घटना
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:39 AM IST
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महापौर का निर्देश, पूरी सड़क दबाकर देख लें, मरम्मत पूरी तरह पुख्ता होनी चाहिए
- फोटो : अमर उजाला
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खुदाई के बाद महीने भर पहले बनाई गई गिरजाघर-गोदौलिया के बीच की सड़क जगह-जगह खतरनाक हो गई है। मंगलवार को सड़क जहां धंसी थी, उससे कुछ मीटर के फासले पर ही बुधवार को एक और गहरा गड्ढा हो गया। गड्ढे पाटने का काम शुरू करा दिया गया है लेकिन हालात को देखते हुए स्थानीय लोग और राहगीर दहशत में हैं।
उनका कहना है कि सड़क के नीचे से शाही नाला गया है। आने वाले दिनों में बाढ़ का दबाव भी बढ़ सकता है। लिहाजा नए सिरे से पूरी सड़क दुरुस्त कराई जानी चाहिए।
महापौर रामगोपाल मोहले ने भी सड़क के दोबारा धंसने पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया है कि गिरजाघर से गोदौलिया के बीच जेसीबी से पूरी सड़क दबाकर देख लें कि मिट्टी पोली होने से कहां-कहां सड़क धंस रही है, उसके बाद नए सिरे से पुख्ता मरम्मत कराई जाए।
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इस बीच गिरजाघर से गोदौलिया के बीच दूसरे दिन भी आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि मंगलवार को जहां करीब दस फीट गहरा और बीस फीट लंबा गड्ढा हुआ था उसे पाटने के बाद शाम को एक लेन से आवाजाही शुरू करा दी गई।
दूसरी लेन पर मरम्मत कार्य चलने और दोबारा सड़क धंसने से आवागमन प्रभावित है। यहां धंसी सड़क को पाटने का काम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई और नगर निगम की ओर से कराया जा रहा है।
कार्यदायी संस्थाओं के मुताबिक गड्ढे पाटने के दौरान मशीनों के दबाव से दूसरी जगह सड़क धंसी। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता वीके श्रीवास्तव ने बताया कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई गड्ढे को पाटकर देगी तो दो फीट के लेयर में गिट्टी बिछाकर सड़क बनाने का काम पीडब्ल्यूडी कराएगा।
नगर निगम के मुख्य अभियंता कैलाश सिंह ने कहा कि बालू डालकर गड्ढे पाटे जा रहे हैं। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई गुरुवार तक काम पूरा कर देगी।
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उनका कहना है कि सड़क के नीचे से शाही नाला गया है। आने वाले दिनों में बाढ़ का दबाव भी बढ़ सकता है। लिहाजा नए सिरे से पूरी सड़क दुरुस्त कराई जानी चाहिए।
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महापौर रामगोपाल मोहले ने भी सड़क के दोबारा धंसने पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया है कि गिरजाघर से गोदौलिया के बीच जेसीबी से पूरी सड़क दबाकर देख लें कि मिट्टी पोली होने से कहां-कहां सड़क धंस रही है, उसके बाद नए सिरे से पुख्ता मरम्मत कराई जाए।
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इस बीच गिरजाघर से गोदौलिया के बीच दूसरे दिन भी आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि मंगलवार को जहां करीब दस फीट गहरा और बीस फीट लंबा गड्ढा हुआ था उसे पाटने के बाद शाम को एक लेन से आवाजाही शुरू करा दी गई।
दूसरी लेन पर मरम्मत कार्य चलने और दोबारा सड़क धंसने से आवागमन प्रभावित है। यहां धंसी सड़क को पाटने का काम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई और नगर निगम की ओर से कराया जा रहा है।
कार्यदायी संस्थाओं के मुताबिक गड्ढे पाटने के दौरान मशीनों के दबाव से दूसरी जगह सड़क धंसी। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता वीके श्रीवास्तव ने बताया कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई गड्ढे को पाटकर देगी तो दो फीट के लेयर में गिट्टी बिछाकर सड़क बनाने का काम पीडब्ल्यूडी कराएगा।
नगर निगम के मुख्य अभियंता कैलाश सिंह ने कहा कि बालू डालकर गड्ढे पाटे जा रहे हैं। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई गुरुवार तक काम पूरा कर देगी।
ककरमत्ता में स्थानीय लोगों ने खुद पाटा गड्ढा
ककरमत्ता में धंसी सड़क की मरम्मत के लिए स्थानीय लोग बुधवार को खुद आगे आए। उन्होंने गड्ढा पाटकर रास्ता दुरुस्त किया। यहां सड़क पर गड्ढा होने से आवाजाही में खासी मुश्किलें हो रही थीं। साथ ही, दुर्घटना की भी आशंका बनी हुई थी। उधर, गोदौलिया के अलावा भदऊं चुंगी, सिगरा सहित अन्य स्थानों पर जहां भी सड़कें धंसी हैं, उनकी मरम्मत शुरू करा दी गई है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि एक-दो दिन में ऐसी सभी सड़कें दुरुस्त करा ली जाएंगी।