{"_id":"5a05edb04f1c1b97678ba9b1","slug":"varanasi-public-review-of-shaadi-me-zaroor-aana","type":"story","status":"publish","title_hn":" ‘शादी में जरूर आना’ में कहानी ने नहीं कलाकारों ने दिखाया है दम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘शादी में जरूर आना’ में कहानी ने नहीं कलाकारों ने दिखाया है दम
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:49 PM IST
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shaadi mein zaroor aana
विनोद बच्चन की फिल्म ‘शादी में जरूर आना’ तनू वेड्स मनु जैसा जादू नहीं चला पाई। हालांकि कलाकारों ने पूरा दम दिखाया। राजकुमार राव, कृति खरबंदा और गोविंद नामदेव की फिल्म ‘शादी में जरूर आना’ शुक्रवार को रिलीज हुई। पहले दिन का रिस्पांस सामान्य रहा।
दर्शकों का कहना था कि कहानी थोड़ी बोरिंग है लेकिन कलाकारों का अभिनय शानदार रहा। उनका कहना है कि दहेज प्रथा और लिंग असमानता पर बनी इस फिल्म की कहानी कोई नई नहीं है। फिल्म की शुरुआत तो अच्छी थी लेकिन बाद में वो दर्शकों को बांधे नहीं रह सकी।
सिगरा निवासी साकेत कुमार ने अपने दोस्तों के साथ ये फिल्म देखी। उनका कहना था कि विनोद बच्चन तनु वेड्स मनु इससे ज्यादा बेहतर थी। कहानी नई थी लेकिन इस फिल्म का थीम बहुत पुराना है।
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हां, ये जरूर है कि इस फिल्म से आईएएस की जिंदगी को जानने का मौका जरूर मिला। आईपी सिनेमा के मैनेजर अर्पित यादव का कहना है कि पहले दिन का रिस्पांस इस फिल्म का सामान्य ही रहा।
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दर्शकों का कहना था कि कहानी थोड़ी बोरिंग है लेकिन कलाकारों का अभिनय शानदार रहा। उनका कहना है कि दहेज प्रथा और लिंग असमानता पर बनी इस फिल्म की कहानी कोई नई नहीं है। फिल्म की शुरुआत तो अच्छी थी लेकिन बाद में वो दर्शकों को बांधे नहीं रह सकी।
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सिगरा निवासी साकेत कुमार ने अपने दोस्तों के साथ ये फिल्म देखी। उनका कहना था कि विनोद बच्चन तनु वेड्स मनु इससे ज्यादा बेहतर थी। कहानी नई थी लेकिन इस फिल्म का थीम बहुत पुराना है।
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हां, ये जरूर है कि इस फिल्म से आईएएस की जिंदगी को जानने का मौका जरूर मिला। आईपी सिनेमा के मैनेजर अर्पित यादव का कहना है कि पहले दिन का रिस्पांस इस फिल्म का सामान्य ही रहा।