UP: वाराणसी में बिजली व्यवस्था होगी हाईटेक, वीआईपी रूट से हटेगा तारों का जाल; एलटी लाइनों होंगी भूमिगत
Varanasi News: वाराणसी में बिजली व्यवस्था अब हाईटेक होगी। यहां 34 नए ट्रांसफॉर्मर प्लेटफॉर्म बनेंगे। वहीं स्काडा की निगरानी से मिनटों में फॉल्ट का पता चलेगा।
विस्तार
वाराणसी शहर के वीआईपी रूट को बिजली के तारों के जाल से मुक्त करने के लिए विद्युत निगम ने आधुनिकीकरण अभियान शुरू किया है। इसके तहत चौकाघाट से नमो घाट तक लो टेंशन (एलटी) विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर बिजली के तारों का जाल दिखाई नहीं देगा।
नगरी विद्युत वितरण खंड अष्टम, राजघाट के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह ने बताया कि आधुनिकीकरण योजना के तहत चौकाघाट से नमो घाट के बीच 34 सीमेंटेड एलिवेटेड प्लेटफॉर्म (पिलर) तैयार किए जा रहे हैं। इन पर 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। सभी ट्रांसफॉर्मरों को पांच भूमिगत केबलों के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र की एलटी लाइनें अंडरग्राउंड हो जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक ट्रांसफॉर्मर के नीचे आरएमयू (रिंग मेन यूनिट) लगाया जाएगा। यह प्रणाली एक ट्रांसफॉर्मर को दूसरे ट्रांसफॉर्मर से जोड़कर विद्युत आपूर्ति का वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगी। यदि किसी ट्रांसफॉर्मर या केबल में तकनीकी खराबी आती है, तो दूसरे ट्रांसफॉर्मर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति तुरंत बहाल हो जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। परियोजना पूरी होने के बाद वीआईपी रूट का सौंदर्य भी बढ़ेगा और उपभोक्ताओं को स्मार्ट तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।
21 फीडरों पर लगेगा स्काडा सिस्टम, बिजली फॉल्ट का तुरंत चलेगा पता
विद्युत वितरण खंड अष्टम के अंतर्गत 21 फीडरों पर स्काडा आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इन फीडरों पर फॉल्ट इंडिकेटर मशीनें लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से किसी भी फीडर में खराबी आने पर उसकी सटीक लोकेशन की तत्काल जानकारी मिल जाएगी। स्काडा आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से विशेष रूप से अंडरग्राउंड केबलों में आने वाले फॉल्ट का पता लगाना और उसे तुरंत ठीक करना आसान हो जाएगा।
क्या बोले अधिकारी
चौकाघाट से नमो घाट तक लो टेंशन (एलटी) विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। इस परियोजना से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। यह पूरा कार्य विद्युत विभाग की आधुनिकीकरण योजना के तहत कराया जा रहा है। -मनोज सिंह, अधिशासी अभियंता