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Varanasi Pollution: प्रदूषण से डार्क रेड जोन की ओर बढ़ा बनारस,  351 पहुंचा एक्यूआई, धूल, धुआं और जाम ने बढ़ाई परेशानी

Sat, 05 Dec 2020 12:44 AM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: विचित्र सिंह Updated Sat, 05 Dec 2020 12:44 AM IST
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Varanasi Pollution air quality index increases towards dark red zone
चांदपुर क्षेत्र में जलता कूड़ा। - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी की हवा की गुणवत्ता का स्तर लगातार तीसरे दिन रेड जोन में बना रहा। धूल, धुआं और जाम के कारण वायु प्रदूषण का स्तर अब खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। पानी के छिड़काव के बाद भी वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद नहीं मिल रही है। शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में जाम के  कारण देर शाम को एक्यूआई 351 तक पहुंच गया।

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार रात 8 बजे एक्यूआई 349 दर्ज किया गया। शाम को सात बजे एक्यूआई 351 तक पहुंच गया था। आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 415 और न्यूनतम मात्रा 243 रही। पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 437 और न्यूनतम मात्रा 199 रही। ओजोन की अधिकतम मात्रा 268 और नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 166 रही।
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सुबह 8 बजे बनारस की वायु गुणवत्ता का आंकड़ा 356 था और दोपहर बाद यह 274 तक पहुंचा था लेकिन शाम होते ही हवा फिर से खराब होती चली गई। स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए इंतजाम नहीं किए गए तो बनारस अब डार्क रेड जोन में प्रवेश कर जाएगा।

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Varanasi Pollution air quality index increases towards dark red zone
वाराणसी में शुक्रवार को दिन में मकबूल आलम रोड पर लगे जाम में फंसी दो एंबुलेंस। - फोटो : अमर उजाला।

जाम और धूल ने बढ़ा दी है परेशानी

पर्यावरणविदों के अनुसार बनारस में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण धूल और धुआं है। चांदपुर, लहरतारा, बौलिया, भेलूपुर, इंग्लिशिया लाइन, बांसफाटक, गोदौलिया, बेनियाबाग और नई सड़क इलाके में जाम और धूल के कारण प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। चांदपुर से बौलिया वाले इलाके में शाम को धूल और धुएं के कारण स्मॉग जैसी स्थिति बन गई। 

रेड जोन वाले इलाकों में यातायात को सुधारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा खोदाई स्थलों पर सख्ती से मानकों के पालन का निर्देश दिया गया है। - कालिका सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।

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