वाराणसीः अगवा मासूम को पुलिस ने दो घंटे में किया बरामद, ढाबा संचालक का वेटर ही निकला अपहर्ता, मांगी थी 3 लाख की फिरौती
वाराणसी में ढाबा संचालक के मासूम बेटे को बुधवार तड़के अगवा कर लिया गया था। सुबह 11 बजे दर्ज मुकदमे के आरोपी को पुलिस ने एक बजे दबोच लिया। पैसे की लालच में आकर वेटर ने यह जुर्म किया था।
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वाराणसी के मोहनसराय स्थित ढाबा संचालक के छह वर्षीय बेटे को अगवा करने के आरोपी वेटर को पुलिस ने बुधवार को महज दो घंटे में गंगापुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इस दौरान वेटर के कब्जे से मासूम को मुक्त कराया। सुबह 11 बजे दर्ज मुकदमे के आरोपी को पुलिस ने एक बजे दबोच लिया। पैसे की लालच में आकर वेटर ने यह जुर्म किया था। तीन लाख की फिरौती मांगने वाले आरोपी वेटर के आपराधिक इतिहास को भी पुलिस खंगाल रही है। एसपी ग्रामीण ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
रोहनिया थाना अंतर्गत मोहनसराय निवासी अशोक कुमार गौड़ मोहनसराय में श्रीकृष्ण अंश ढाबा का संचालन करते हैं। अशोक का छोटा बेटा यश मंगलवार रात अपने दादा मंगला प्रसाद के पास घर के बरामदे में सोया था। बुधवार सुबह पांच बजे जब दादा मंगला की नींद खुली तो बिस्तर से यश लापता था।
मंगला को लगा कि शायद घर के अंदर किसी कमरे में सोने चला गया होगा। कुछ देर बाद घर के अन्य सदस्य भी यश को ढूंढने लगे। पिता अशोक ढाबे पर गए तो वहां प्रयागराज निवासी वेटर मदन लाल भी नहीं मिला। उसके नंबर पर कॉल किया गया तो बंद मिला। सुबह आठ बजे तक खोजबीन में परिजन जुटे रहे।
एक कॉल और मच गया परिवार में कोहराम
इसी बीच अशोक के मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया और यश के रोने की आवाज आई। बच्चे ने कहा कि हम जंगल में हैं बचा लीजिए। इसके बाद परिजन और परेशान हो गए। सुबह नौ बजे मंगला प्रसाद के मोबाइल पर फोन आया कि बच्चे की सलामती चाहते हो तो तीन लाख रुपये भेज दो और बच्चे को बीरभानपुर स्थित हनुमान मंदिर के पास छोड़ दूंगा।
बैंक खाता संख्या एसएमएस से भेज रहा हूं। दोबारा 11 बजे फोन करने की बात कहते हुए अपहर्ता ने फोन काट दिया। इसके बाद परिजनों ने रोहनिया थाने में बेटे के अपहरण की तहरीर दी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमित वर्मा के निर्देश पर तत्काल रोहनिया पुलिस, क्राइम बांच, सर्विलांस सेल को लगाया गया।
अनजान नंबर को पुलिस ने ट्रेस किया तो लोकेशन गंगापुर में मिली। पुलिस ने सर्विलांस के सहारे आरोपी वेटर मदन लाल पटेल निवासी बदरी का पूरा, टकटइया करछना प्रयागराज को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से यश को मुक्त कराते हुए परिजनों को सुपुर्द किया।
गिरफ्तार आरोपी ने बताई ये कहानी
प्रयागराज के रहने वाले आरोपी वेटर मदनलाल पटेल के अनुसार पैसे की जरूरत थी और लगा कि बच्चे को अपहरण कर लिया जाए तो तंगी दूर हो जाएगी। इसलिए देर रात चुपके से घर गया और दादा के बिस्तर पर सो रहे यश को उठा लिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि बैंक खाता में पैसा आता तो सबसे पहले एटीएम जाता और पैसे निकालता। एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि आरोपी वेटर के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है, प्रयागराज पुलिस से संपर्क किया गया।
दादा के छलके आंसू, पुलिसकर्मियों का किया सम्मान
बच्चे की सकुशल बरामदगी पर एसपी ग्रामीण अमित वर्मा, एएसपी ग्रामीण नीरज पांडेय, सीओ सदर डॉ. चारू द्विवेदी, क्राइम ब्रांच प्रभारी ग्रामीण अश्विनी चतुर्वेदी, रोहनिया थानाध्यक्ष हरीनाथ भारती को माला पहनाकर परिजनों और ग्रामीणों ने आभार जताया। वही थाने में यश अपने दादा व पिता को देखते ही गले से लिपट गया, बच्चे को देख दादा और पिता की आंखें डबडबा गईं।
घर पर पहुंचे यश को देखते ही मां सीमा देवी के आंसू छलक उठे। बेटे को दुलारते हुए सीमा के अनुसारपुलिस ने आज हमारी गोद खाली होने से बचा लिया। बाबा विश्वनाथ की कृपा से हमारा बच्चा हम लोगों के बीच में है।