वाराणसी: पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों को बताया नशे का नुकसान, दिलाया नशामुक्ति का संकल्प
राष्ट्रीय एकता और नशामुक्त भारत का संदेश लेकर पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड पुलिस के 38 जवान 22 मोटरसाइकिलों से वाराणसी के परमानंदपुर स्थित विकास इंटर कॉलेज पहुंचे। विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम बताए गए और नुक्कड़ नाटक के जरिए जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।
विस्तार
वाराणसी में राष्ट्रीय एकता और नशामुक्त भारत का संदेश लेकर पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड पुलिस के 38 पुलिसकर्मी 22 मोटरसाइकिलों से शुक्रवार को परमानंदपुर स्थित विकास इंटर कॉलेज पहुंचे। कॉलेज पहुंचने पर चेयरमैन डॉ. एके सिंह ने पुलिसकर्मियों का स्वागत किया। इस दौरान जवानों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी और नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया।
पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों को बताया कि नशे की लत स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ शिक्षा, करियर और भविष्य को भी प्रभावित करती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने साथियों व आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
नुक्कड़ नाटक से समझाए नशे के दुष्परिणाम
नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने नशे की लत से होने वाले नुकसान और इसके परिवार व समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने और अपने परिवार व समाज को नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
युवाओं को नशे से बचाना सभी की जिम्मेदारी
कार्यक्रम वाराणसी की एडीसीपी महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव की देखरेख में आयोजित हुआ। इसमें बिहार और उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी भी शामिल रहे। वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत की नींव हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे समाज को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा।