फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi police disclose retired pharmacist murder case

खुलासाः नाती ने दो दोस्तों के साथ इस कारण की थी नाना की हत्या

Wed, 16 Jan 2019 01:03 PM IST
utpal utpal न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: utpal utpal Updated Wed, 16 Jan 2019 01:03 PM IST
विज्ञापन
Varanasi police disclose retired pharmacist murder case
प्रेमचंद सिंह पटेल - फोटो : file photo
वाराणसी के परमानंदपुर निवासी रिटायर्ड फार्मासिस्ट प्रेमचंद्र सिंह पटेल की हत्या उनके चचेरे नाती ने अपने दो दोस्तों के साथ की थी। यह खुलासा करते हुए मंगलवार को पुलिस ने नवलपुर बसही के सुजीत पटेल उर्फ गोलू, रामनगर के रामपुर कलवारिया के बल्लू बारी और मीरापुर बसही के अरुण गौड़ को जेल भेज दिया। इनके पास से पुलिस ने प्रेमचंद्र का पर्स, डीएल, आधार कार्ड, जेवरात और 2400 रुपये के साथ ही वारदात में प्रयुक्त सब्बल बरामद किया।
विज्ञापन


31 दिसंबर 2018 की रात शिवपुर थाना अंतर्गत परमानंदपुर निवासी प्रेमचंद्र की सिर कूच कर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को लोहता थाना अंतर्गत पिसौर पुल के नीचे फेंक दिया गया था।
विज्ञापन


पढ़ें : बनारस में रिटायर्ड फॉर्मासिस्ट की सिर कूच कर हत्या, बदमाशों ने उन्हीं की कार से ठिकाने लगाया शव
विज्ञापन
विज्ञापन


एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने पुलिस लाइन में बताया कि एसपी ग्रामीण मार्तंड प्रताप सिंह के नेतृत्व में थानाध्यक्ष लोहता राकेश कुमार सिंह और थानाध्यक्ष शिवपुर नागेश कुमार सिंह ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से प्रेमचंद्र के चचेरे नाती सुजीत को सोमवार की रात बसही चौराहे के समीप से गिरफ्तार किया। सुजीत की निशानदेही पर उसके दो दोस्त गिरफ्तार किए गए।

पूछताछ में सुजीत ने बताया कि प्रेमचंद्र उसके चचेरे नाना थे। शराब पीने और जुआ खेलने की लत के कारण रोजाना पैसे की जरूरत पड़ती है। चचेरे मामा सुनील और नानी मुंबई चले गए तो प्रेमचंद्र को घर में अकेले देख लूटपाट की योजना बनाई गई।

31 दिसंबर को तीनों दोस्त शराब पी और फिर उनके घर गए। प्रेमचंद्र के घर के बगल में डीजे बज रहा था। सुजीत ने दरवाजा खटखटाकर आवाज दी तो प्रेमचंद्र ने दरवाजा खोला। इस पर सुजीत ने दोस्त अरुण की तबीयत खराब बताई तो प्रेमचंद्र दवा निकालने लगे। इसी दौरान जैकेट में छुपाए गए सब्बल से उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी गई।

इस बीच वो चीखे लेकिन डीजे की आवाज में किसी को कुछ पता नहीं लगा। इसके बाद उनकी कार से उनका शव ले जाकर पिसौर पुल के नीचे फेंक दिया गया। साथ ही, कार को छावनी क्षेत्र में लॉक कर खड़ा कर दिया गया। इस दौरान घर में जो भी नगदी और जेवर मिला उसे समेट लिया गया।

बहुत रुपये मिलने की थी आस, हाथ लगी निराशा

सुजीत ने बताया कि उसके चचेरे नाना का घर संपन्न है। उनका एक बेटा इंजीनियर और एक बेटा डॉक्टर है और वो खुद फार्मासिस्ट थे, इस वजह से उसे लाखों रुपये हाथ लगने की आस थी। मगर, चचेरे नाना की हत्या करने के बाद उनके घर से सिर्फ 10 हजार रुपये और सिर्फ हजारों रुपये मूल्य के जेवरात ही मिले।

शव को फेंकने के बाद तीनों ने छावनी क्षेत्र में कार खड़ी की थी और फिर अलग-अलग ओला कैब बुक करा कर अपने घर गए थे। इसके पहले तीनों ने प्रेमचंद्र के घर के बाहर गिरे खून को साफ भी किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed