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बनारसः जेएचवी शूटआउट का मुख्य आरोपी 50 हजार का इनामी आलोक गिरफ्तार

Tue, 06 Nov 2018 10:58 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Tue, 06 Nov 2018 10:58 AM IST
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Varanasi police arrested main accused of JHV firing case
हंगामा करता अालोक का पिता - फोटो : amar ujala

वाराणसी के छावनी क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल में दो लोगों की हत्या और दो की हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी 50 हजार के इनामी आलोक उपाध्याय को सोमवार को क्राइम ब्रांच ने कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच से फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन की एस-5 बोगी के बाथरूम से गिरफ्तार किया।

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आलोक अपने पिता अवधेश के साथ ट्रेन से आरा से लखनऊ जाकर एक नेता की मदद से कोर्ट में समर्पण करने वाला था। आलोक के अनुसार वारदात में शामिल उसके दो साथी 50-50 हजार के इनामी ऋषभ सिंह और कुंदन सिंह कोलकाता में छिपे हुए हैं।
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बता दें कि 31 अक्तूबर की दोपहर जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग कर गोपी कन्नौजिया और सुनील कुमार गौड़ की हत्या कर दी गई थी। फायरिंग में चंदन शर्मा और विशाल सिंह घायल हो गए थे। मॉल में पिस्टल के साथ आलोक के रूम पार्टनर रोहित सिंह ने उसे और ऋषभ व कुंदन को प्रवेश कराया था।
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भभुआ निवासी रोहित को गिरफ्तार कर क्राइम ब्रांच जेल भेज चुकी है। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह और इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने आरा से पीछा कर कैंट स्टेशन पर आलोक को गिरफ्तार किया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और मंगलवार को उसे जेल में दाखिल किया जाएगा।

मेरे बेटे के साथ कुछ गलत हुआ तो कर लूंगा आत्मदाह

हत्यारोपी आलोक की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता अवधेश उपाध्याय वकीलों के साथ कैंट थाने पहुंचे। इस दौरान अवधेश ने जमकर हंगामा किया। अवधेश ने कहा कि अगर उनके बेटे के साथ कुछ भी गलत हुआ तो वो आत्मदाह कर लेंगे।

इसके साथ ही मामले को अदालत से लेकर मानवाधिकार आयोग तक ले जाएंगे। अवधेश ने कहा कि वो आरा से आलोक को लेकर लखनऊ जा रहे थे। वहां कोर्ट में उससे समर्पण कराते। उनके बेटे ने गलत किया है तो कोर्ट सजा देगी।

पुलिस को कुछ करने का किसने अधिकार दिया है। इस बीच क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह और इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय न जाने कब ट्रेन में चढ़ गए और कैंट रेलवे स्टेशन पर दोनों को जबरन उतार लिए।

कचहरी चौकी के समीप उन्हें सूमो से पुलिस ने नीचे उतार दिया और आलोक को लेकर न जाने कहां चले गए। अवधेश के कारण कैंट थाने पर काफी देर तक हंगामेदार स्थिति रही और पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें शांत कराया।
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