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बल्ला-गेंद के पीछे छिपा सट्टा कारोबार: आईपीएल में चल रहा था काला खेल, चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
Sat, 04 Apr 2026 12:41 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Sat, 04 Apr 2026 12:41 AM IST
सार
Varanasi Crime News: वाराणसी जिले में टैगोर टाउन में आईपीएल के बीच सट्टेबाजी का खेल चल रहा था। कैंट पुलिस और एसओजी-2 ने मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के गिरफ्त में सभी आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी जिले के अर्दली बाजार के टैगोर टाउन में आईपीएल में हो रही सट्टेबाजी का कैंट पुलिस और एसओजी-2 ने शुक्रवार सुबह भंड़ाफोड़ किया। सट्टेबाजी में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 30 हजार रुपये और पांच मोबाइल मिले।
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क्या है पूरा मामला
कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गणेश नगर कॉलोनी निवासी संजय राय, विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी अर्दली बाजार निवासी मृनाल सिंह, नारायणपुर शिवपुर निवासी अभिषेक सिंह और डीआईजी कॉलोनी निवासी विश्वजीत सिंह उर्फ शानू हैं।
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पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पहली बार ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े हैं। वेबसाइट और एप से सट्टेबाजी कर रहे थे। सट्टेबाजी के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। आरोपियों के व्हाट्सएप चैट और रिकॉर्डिंग में कई लोगों के नाम कोड भाषा में लिखे मिले हैं। कुछ को आरोपियों ने डिलीट भी कर दिया है, जिसे रिकवर कराया जाएगा।
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बुकी की ओर से दी जाती है आईडी
पुलिस की छानबीन में सामने आया कि सट्टेबाजी का नेटवर्क हर साल तगड़ा होता जा रहा है। बुकी की ओर से अब सट्टेबाजी में शामिल लोगों को आईडी दी जाती है, जिसकी कीमत पहले से तय होती है, जैसे मोबाइल प्रीपेड या स्मार्ट मीटर का रिचार्ज तय होता है, उसी तरीके से तय शुल्क में मैच पर भाव लगा और खा सकते हैं। आईडी में जमा पैसे के बाद आप कोई भी दांव नहीं लगा सकते, जब तक उसे दोबारा बुकी को पैसा देकर रिचार्ज न करा लें। इसके अलावा पुराने सट्टोरियों को ध्यान में रख कर पेन-कागज पर भी दांव लिखा जाता है। मल्टीमीडिया मोबाइल की जगह की-पैड वाले मोबाइलों का उपयोग किया जाता है। युवाओं के अलावा रोजाना कमाने वाले सट्टेबाजी में शामिल हैं।