Varanasi News: फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर छात्रा का वीडियो किया वायरल, जान से मारने की धमकी; प्राथमिकी दर्ज
Varanasi Crime: वाराणसी के चौबेपुर और चोलापुर थाना क्षेत्रों में युवतियों की फर्जी आईडी बनाकर तथा फोटो एडिट कर अश्लील सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल करने के दो मामले सामने आए हैं। चौबेपुर में शादी का दबाव बनाने और धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने आईटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Varanasi News: चौबेपुर थाना क्षेत्र निवासी एक बीए छात्रा की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोपी बिहार निवासी राजकरन के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। छात्रा का आरोप है कि युवक उस पर शादी का दबाव बना रहा है। इन्कार करने पर वह जान से मारने की धमकी दे रहा है।
पीड़िता के अनुसार, बिहार के नवादा जिले के मेसकौर थाना क्षेत्र निवासी राजकरन लंबे समय से फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से उसे अश्लील फोटो और वीडियो भेजकर परेशान कर रहा था। आरोप है कि युवक ने प्रीति राय और जिया राय के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। आरोपी उसके मोबाइल नंबर के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों के मोबाइल पर भी अश्लील फोटो और वीडियो भेज रहा था, जिससे पूरे परिवार को मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। शादी से इन्कार करने पर उसने छात्रा और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। साथ ही पहले से बनाए गए वीडियो को अपने दोस्तों के माध्यम से और अधिक वायरल कराने की चेतावनी भी दी। थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है।
इंस्टाग्राम पर अश्लील फोटो वायरल, प्राथमिकी दर्ज
चोलापुर थाना क्षेत्र की एक युवती की फोटो एडिट कर अश्लील रूप में इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में शनिवार को थाने में आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पीड़िता के चचेरे भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी चचेरी बहन की तस्वीरों को किसी व्यक्ति ने एडिट कर अश्लील रूप दे दिया और उन्हें इंस्टाग्राम पर प्रसारित कर दिया। घटना से परिवार समेत युवती परेशान है। चोलापुर थानाध्यक्ष सधुवन राम गौतम ने बताया कि सोशल मीडिया अकाउंट, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।